PM Modi 12 Years Tenure: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने संविधान लागू होने के बाद निर्वाचित सरकार का नेतृत्व करने के मामले में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा स्थापित कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। 26 मई, 2014 को पदभार ग्रहण करने वाले मोदी ने अब प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4,399 दिन पूरे कर लिए हैं। इस उपलब्धि के साथ ही वे नेहरू के 4,398 दिनों के कार्यकाल से आगे निकल गए हैं, जो 1952 के पहले आम चुनाव के बाद गठित निर्वाचित सरकार के प्रमुख थे।
लगातार तीन बार जनादेश जीतकर और 12 वर्षों से अधिक समय तक पद पर बने रहकर मोदी को स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे सफल राजनीतिक नेताओं में शुमार किया गया है। भारत की राजनीति में पिछले 12 वर्ष कई दृष्टियों से परिवर्तनकारी माने जाते हैं। मई 2014 में पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद देश ने आर्थिक, सामाजिक, डिजिटल, बुनियादी ढाँचे, विदेश नीति और कल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में अनेक बड़े बदलाव देखे। समर्थक इसे नए भारत के निर्माण का दौर बताते हैं, जबकि आलोचक कई नीतियों और उनके प्रभावों पर सवाल उठाते हैं। इन 12 वर्षों का आकलन उपलब्धियों, चुनौतियों और दीर्घकालिक प्रभावों—तीनों के आधार पर किया जाना चाहिए।
PM Modi 12 Years Tenure: उपलब्धियाँ और चुनौतियों का 12-वर्षीय सफर
1. आर्थिक सुधार और विकास की दिशा
मोदी सरकार के कार्यकाल में भारतीय अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने और कर प्रणाली को सरल बनाने के लिए कई कदम उठाए गए। 2017 में लागू वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax – GST) को स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े कर सुधारों में गिना जाता है। इससे देशभर में एकीकृत कर व्यवस्था स्थापित हुई।
सरकार ने उत्पादन बढ़ाने और विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए Make in India और Production Linked Incentive Scheme जैसी योजनाएँ शुरू कीं। इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल निर्माण और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा। भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आकार के आधार पर शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत की। डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन ने आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी। (PM Modi 12 Years Tenure)
2. डिजिटल इंडिया और तकनीकी क्रांति
मोदी सरकार की सबसे चर्चित उपलब्धियों में से एक डिजिटल परिवर्तन है। Digital India अभियान के माध्यम से सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण तेज हुआ। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने भुगतान प्रणाली में क्रांति ला दी। आज भारत विश्व के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान बाजारों में गिना जाता है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यवसायों तक, डिजिटल लेन-देन आम हो चुका है। आधार, मोबाइल और बैंक खातों के संयोजन को “JAM ट्रिनिटी” कहा गया, जिसने सरकारी सब्सिडी और लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
3. वित्तीय समावेशन और जनकल्याण
2014 में शुरू की गई प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं से वंचित लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना था। करोड़ों नए बैंक खाते खोले गए। इसके अलाना कई योजनाएँ शुरू की गईं…
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) – गरीब परिवारों को एलपीजी कनेक्शन।
- आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) – गरीब परिवारों को स्वास्थ्य बीमा सुविधा।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) – किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता।
- स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Mission) – स्वच्छता और शौचालय निर्माण को बढ़ावा।
- प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)– गरीबों के लिए आवास निर्माण।
इन योजनाओं का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा और जीवन स्तर में सुधार लाना रहा। (PM Modi 12 Years Tenure)
4. बुनियादी ढाँचे का विस्तार
मोदी सरकार ने सड़कों, रेल, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के विकास पर विशेष जोर दिया।
- राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार।
- नए एक्सप्रेसवे का निर्माण।
- रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण।
- सेमी हाई-स्पीड रेल सेवाओं का विस्तार।
- ग्रामीण सड़क संपर्क में वृद्धि।
वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) देश के रेल आधुनिकीकरण का प्रतीक बनकर उभरी। वहीं कई नए हवाई अड्डों और क्षेत्रीय संपर्क योजनाओं ने छोटे शहरों को भी विमान सेवाओं से जोड़ा। (PM Modi 12 Years Tenure)
5. विदेश नीति में सक्रियता
मोदी सरकार ने विदेश नीति को अधिक सक्रिय और जन-केंद्रित स्वरूप दिया। भारत ने प्रमुख वैश्विक मंचों पर अपनी उपस्थिति मजबूत की। G20 की अध्यक्षता और G20 New Delhi Summit 2023 का सफल आयोजन भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाली उपलब्धि माना गया। भारत ने अमेरिका, यूरोप, खाड़ी देशों, जापान और ऑस्ट्रेलिया सहित अनेक देशों के साथ रणनीतिक संबंध मजबूत किए। वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज़ के रूप में भारत की भूमिका भी अधिक प्रमुख हुई।
6. रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा
राष्ट्रीय सुरक्षा मोदी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में रही। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए गए।सीमा अवसंरचना के विकास, रक्षा खरीद में सुधार और सैन्य आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। आतंकवाद के विरुद्ध कठोर रुख सरकार की प्रमुख राजनीतिक पहचान बना। (PM Modi 12 Years Tenure)
7. अनुच्छेद 370 और संवैधानिक निर्णय
5 अगस्त 2019 को, केंद्र सरकार ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करके जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया। समर्थकों ने इसे राष्ट्रीय एकीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया, जबकि आलोचकों ने इसके राजनीतिक और संवैधानिक पहलुओं पर बहस की। इसी अवधि में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) भी चर्चा का विषय बना, जिस पर देशभर में व्यापक राजनीतिक बहस हुई।
8. सांस्कृतिक और धार्मिक पहल
मोदी सरकार के दौरान सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और उद्घाटन स्वतंत्र भारत की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल रहा। साथ ही काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसे परियोजनाओं ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया। (PM Modi 12 Years Tenure)
9. कोविड-19 महामारी का प्रबंधन
कोविड-19 महामारी स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी। सरकार ने लॉकडाउन, स्वास्थ्य अवसंरचना विस्तार और टीकाकरण अभियान चलाया। COVID-19 के दौरान भारत ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण कार्यक्रम संचालित किया और स्वदेशी वैक्सीन निर्माण क्षमता का प्रदर्शन किया। हालांकि, महामारी की दूसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव को लेकर सरकार को आलोचना का भी सामना करना पड़ा।
10. महिलाओं, युवाओं और स्टार्टअप्स पर ध्यान
सरकार ने महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम चलाए। स्टार्टअप इंडिया और Skill India जैसी योजनाओं ने युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया। भारत विश्व के प्रमुख स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्रों में शामिल हुआ। (PM Modi 12 Years Tenure)
चुनौतियाँ और आलोचनाएँ
किसी भी लंबे शासनकाल की तरह मोदी सरकार के सामने भी अनेक चुनौतियाँ रहीं।
- बेरोज़गारी को लेकर लगातार बहस।
- कृषि क्षेत्र की समस्याएँ।
- महँगाई और आय असमानता संबंधी चिंताएँ।
- सामाजिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण के आरोप।
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संस्थागत स्वायत्तता पर विपक्ष की आलोचनाएँ।
सरकार इन आलोचनाओं को खारिज करते हुए विकास, सुशासन और राष्ट्रीय हितों को अपनी प्राथमिकता बताती रही है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष भारतीय राजनीति और शासन के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज किए जाएंगे। डिजिटल क्रांति, वित्तीय समावेशन, बुनियादी ढाँचे का विस्तार, वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका और अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ इस दौर की प्रमुख उपलब्धियाँ रही हैं। साथ ही, रोजगार, सामाजिक समावेशन, कृषि और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े प्रश्न सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बने हुए हैं। (PM Modi 12 Years Tenure)









