Iran America War: भारत सरकार ने ओमान के तट पर व्यापारिक जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों को लेकर नई दिल्ली में अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत (चार्ज डी’अफेयर्स) जेसन मीक्स को तलब किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के अतिरिक्त सचिव नागराज नायडू ने अमेरिकी राजनयिक के सामने भारत की गहरी चिंताओं को रखा और कड़ा विरोध दर्ज कराया। यह कड़ा राजनयिक कदम महज चार दिनों के भीतर भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हुए तीन लगातार हमलों के बाद उठाया गया है।
व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य, ओमान की खाड़ी और आसपास के जलक्षेत्र में कार्यरत लगभग 18,000 भारतीय नाविकों के लिए एक नई समुद्री सुरक्षा सलाह जारी करने के कुछ घंटों बाद यह नवीनतम समन जारी किया गया। (Iran America War)
Iran America War: तीन समुद्री हमलों पर भारत का कड़ा रुख
यह चेतावनी हाल ही में भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले जहाजों से जुड़ी तीन घटनाओं के मद्देनजर जारी की गई थी, जिनमें ओमान तट पर हुआ एक घातक हमला भी शामिल है जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई थी। पहली घटना 8 जून को एमटी मारिवेक्स से जुड़ी थी, जब समुद्री सुरक्षा सूत्रों के अनुसार एक संदिग्ध हमले के बाद टैंकर पर आग लग गई थी। जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।
दूसरा हमला 10 जून को हुआ, जब ओमान की खाड़ी में एमटी सेट्टेबेलो पर गोलीबारी हुई। टैंकर में 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। हालांकि 21 नाविकों को बचा लिया गया, लेकिन शुरू में लापता बताए गए तीन भारतीयों की बाद में मौत की पुष्टि हुई। तीसरी घटना गुरुवार को सामने आई, जब भारतीय चालक दल के सदस्यों को ले जा रहे एक अन्य व्यापारिक जहाज पर ओमान के तट पर हमला किया गया, जिससे क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गईं। (Iran America War)
होर्मुज क्षेत्र में हमलों से हड़कंप, 18,000 भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर संकट
कई रिपोर्टों में पोत की पहचान एमटी जलवीर के रूप में की गई है, जिसमें 20 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक घटना की सटीक प्रकृति का खुलासा नहीं किया है। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, वर्तमान में स्ट्र्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम और पूर्व में स्थित जलक्षेत्र में भारत के ध्वज वाले 13 जहाजों पर सवार 622 भारतीय नाविक कार्यरत हैं।
खाड़ी क्षेत्र में विदेशी ध्वज वाले सैकड़ों व्यापारिक जहाजों पर लगभग 18,000 भारतीय नागरिक कार्यरत हैं, जिससे भारत बिगड़ती समुद्री सुरक्षा स्थिति के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील देशों में से एक बन गया है। भारत के पास विश्व का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री कार्यबल है, जिसमें लगभग 3.2 लाख भारतीय नाविक विश्व स्तर पर जहाजों पर कार्यरत हैं। (Iran America War)









