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ललिता गौतम हत्याकांड पर गरमाई सियासत, खड़गे ने योगी सरकार को घेरा; बोले- न्याय मांगने वालों की आवाज़ दबाई जा रही

Lalita Gautam Murder Case

Lalita Gautam Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या का मामला इन दिनों बेहद गरमाया हुआ है और इसे लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक घमासान चल रहा है। इसी बीच, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे ने शुक्रवार को दलित छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या को लेकर उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दुखद घटना ने भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार के महिला एवं दलित विरोधी चेहरे को एक बार फिर से जनता के सामने बेनकाब कर दिया है।

पुलिस के मुताबिक, बीए की अंतिम वर्ष की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को मेरठ के टीपी नगर इलाके से लापता हो गई थी और इसकी सूचना 16 मई को दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने आगे बताया कि उसका शव 17 मई को जिले के रोहता इलाके में एक गन्ने के खेत से बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। (Lalita Gautam Murder Case)

Lalita Gautam Murder Case: ‘न्याय की मांग करने वालों को कुचला जा रहा’- खड़गे का बड़ा आरोप

खर्गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि यूपी पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को नजरबंद कर दिया और न्याय की मांग करने वालों की आवाज को कुचल दिया। उन्होंने देशभर में अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का मुद्दा भी उठाया।

मल्लिकार्जुन खर्गे ने लिखा, “मेरठ की दलित छात्रा ललिता गौतम की निर्मम हत्या ने भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार का महिला-विरोधी और दलित-विरोधी चेहरा एक बार फिर उजागर कर दिया है। पीड़िता का परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय न्याय की मांग करने वालों को कुचलने में व्यस्त है। (Lalita Gautam Murder Case)

खड़गे ने महिला और दलित सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा

उन्होंने आगे कहा, ‘NCRB के आंकड़ों के अनुसार, 2013 से 2024 के बीच देश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगभग 42.6 प्रतिशत और अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराधों में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। देश में हर 2 घंटे 3 मिनट में एक अनुसूचित जाति (SC) महिला का बलात्कार होता है, यानी दलित महिलाओं के बलात्कार के 12 मामले प्रतिदिन दर्ज होते हैं। ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, ये भाजपा शासन में महिलाओं, दलितों और वंचितों की बढ़ती असुरक्षा का प्रमाण हैं।”

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किए और हत्या के मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। खर्गे ने पूछा, “जब कांग्रेस नेता पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने आते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है, नजरबंद कर दिया जाता है और लाठियों से रोका जाता है। आखिर योगी सरकार किस सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रही है? विपक्ष को परिवार से मिलने से क्यों रोका जा रहा है? परिवार की बात सुनने और न्याय दिलाने के बजाय पुलिस दमन क्यों कर रही है?” (Lalita Gautam Murder Case)

खड़गे बोले- पीड़ित परिवार को न्याय नहीं, दमन मिल रहा…

मल्लिकार्जुन खर्गे ने आगे कहा, “देश ने हाथरस और उन्नाव में भी देखा था कि कैसे भाजपा सरकार ने पीड़ितों की आवाज़ को दबाया और सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने की कोशिश की। अब वही दमनकारी रवैया मेरठ में दोहराया जा रहा है। पीड़ित परिवार को न्याय चाहिए, लाठीचार्ज और नज़रबंदी नहीं। दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए और पीड़ित परिवार की आवाज़ का दमन तुरंत बंद होना चाहिए! याद रखिए… दलितों, वंचितों और शोषितों की आवाज़ का बढ़ता ज्वार जल्द ही भाजपा के सत्ता सिंहासन को उखाड़ फेंकेगा।”

मुख्य आरोपी गिरफ्तार

मेरठ के टीपी नगर/रोहटा थाना क्षेत्र की रहने वाली 20-21 वर्षीय बीए की छात्रा ललिता गौतम 15 मई 2026 को लापता हो गई थीं। इसके बाद उनकी निर्मम हत्या कर दी गई। मेरठ पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और शक के चलते इस हत्या को अंजाम दिया गया। (Lalita Gautam Murder Case)

मृतका के परिजनों और दलित संगठनों का आरोप है कि इस अपराध में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं। वे बाकी बचे आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। जुलाई 2026 के पहले हफ्ते (मुख्य रूप से 8 जुलाई) में पीड़ित परिवार और दलित समाज के लोगों ने न्याय की मांग को लेकर मेरठ कलेक्ट्रेट पर भारी प्रदर्शन किया।

मेरठ कलेक्ट्रेट पर न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन

प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट का गेट बंद कर सड़क जाम करने का प्रयास किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसी दौरान मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह हिरासत में लिए गए एक युवक (रवि गौतम) को बंदी वाहन के पास थप्पड़ मारते दिखे। हिरासत में लिए गए रवि गौतम ने पुलिस वाहन के अंदर अपने गमछे से फांसी लगाने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने उसे समय रहते बचा लिया। (Lalita Gautam Murder Case)

एसएसपी अविनाश पांडेय के अनुसार, मुख्य आरोपी पहले ही पकड़ा जा चुका है। उनका आरोप है कि कुछ बाहरी और अराजक तत्व राजनीतिक लाभ के लिए पीड़ित परिवार को भड़का रहे हैं और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने इस घटना और पुलिस कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने इसे दलित विरोधी और दमनकारी कृत्य बताया है। आज़ाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने पीड़ित परिवार से मिलने का ऐलान किया, जिसके बाद पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर गांव की तरफ जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी है।


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