BMC Election Results 2026: मायानगरी मुंबई की राजनीति में आज वो हो गया जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की थी। दशकों तक मातोश्री के इर्द-गिर्द घूमने वाली बीएमसी की सत्ता अब पूरी तरह से ‘कमल’ के रंग में रंग चुकी है। इसे फडणवीस की बिछाई ‘शतरंज की बिसात’ कहें या शिंदे का ‘जमीनी जादू’, लेकिन सच तो यह है कि मुंबईकरों ने पहली बार बीजेपी को स्पष्ट बहुमत देकर इतिहास रच दिया है।
BMC Election Results 2026: फडणवीस और शिंदे की ‘शतरंज की बिसात
इस चुनाव की सबसे बड़ी हेडलाइन रही— राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे का मिलन। कई सालों की कड़वाहट और सियासी अदावत को पीछे छोड़कर जब ‘ठाकरे ब्रदर्स’ एक साथ आए, तो लगा कि शायद अब बीजेपी के लिए मुंबई की राह मुश्किल होगी। लेकिन मायानगरी के मिजाज को कुछ और ही मंजूर था। मोदी की लहर और बीजेपी की रणनीति के सामने ठाकरे परिवार का यह भावनात्मक ‘मास्टरस्ट्रोक’ काम न आ सका। जिस ‘किले’ को उद्धव और राज मिलकर बचाने निकले थे, वो मोदी के कमल के आगे पूरी तरह ध्वस्त हो गया।

लेकिन जब मुंबई की सत्ता हथियाने के लिए देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ने किसी माहिर खिलाड़ी की तरह अपनी चालें चलीं। तो उन्होंने गैर-मराठी और मराठी वोटों के बीच ऐसा संतुलन बनाया कि विपक्ष चारों खाने चित हो गया। विकास के वादों और ‘डबल इंजन’ सरकार के भरोसे ने मुंबई के कॉरपोरेट से लेकर चॉल तक में अपनी पैठ बना ली। यह बीजेपी की वो ‘चाणक्य नीति’ थी जिसने विपक्षी एकता के हर धागे को उधेड़ कर रख दिया। (BMC Election Results 2026)
मुस्लिम बहुल इलाकों में ओवैसी की ताकत
वहीं दूसरी तरफ, महाराष्ट्र के मुस्लिम बहुल इलाकों, खासकर मालेगांव और मुंबई की कुछ सीटों पर असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने वो कर दिखाया, जिसकी उम्मीद कांग्रेस और एनसीपी को बिल्कुल नहीं थी। ओवैसी ने न केवल अपनी ताकत दिखाई, बल्कि ‘किंगमेकर’ की भूमिका में आकर विपक्ष के वोटों में ऐसी सेंध लगाई कि कांग्रेस-एनसीपी का खेल पूरी तरह बिगड़ गया। ओवैसी की ऊंची उड़ती ‘पतंग’ ने विपक्षी खेमे में भारी सन्नाटा पसर दिया है। (BMC Election Results 2026)









