Cough Syrup Case: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने अपनी पिछली टिप्पणी पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उन्होंने केवल तीन सिरप के बारे में बात की थी, जिनकी संदूषण परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त हुई थी और उनमें कुछ भी खतरनाक नहीं पाया गया था। हालांकि, अब तक कुल नौ बच्चों की मौत हो चुकी है, जिनमें से अधिकांश ने कफ सिरप Coldrif और Nextro-DS का सेवन किया था।
Cough Syrup Case: स्वास्थ्य मंत्री का बयान
राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि करीब 12 तरह की दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। फिलहाल तीन नमूनों की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में ऐसा कोई तत्व नहीं मिला है, जिससे यह पता चले कि इन दवाओं की वजह से मौतें हुई हैं। हालांकि, बाकी दवाओं की रिपोर्ट आज शाम तक आने की उम्मीद है।
रिपोर्ट आने तक कुछ भी कहना संभव नहीं है। यह सच है कि बच्चों की मौत हुई है, लेकिन फिलहाल नीरी और भारत सरकार अपनी लैब में भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुझे उम्मीद है कि शाम तक अंतिम रिपोर्ट आ जाएगी।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शुरुआत में यह उम्मीद थी कि बच्चों की मौत कफ सिरप की वजह से नहीं हुई। जैसा कि मैंने कहा, तीन दवाओं की रिपोर्ट आई और पाया गया कि वे दवाएं मौत के लिए जिम्मेदार नहीं थीं। बाकी लगभग 10 दवाएं हैं, जिनकी रिपोर्ट आज शाम तक आने की उम्मीद है। मैंने दो दिन पहले जो कुछ भी कहा था, मैंने उन तीन दवाओं के बारे में कहा था, जिनकी रिपोर्ट आ गई थी और यह पुष्टि हुई थी कि वे दवाएं मौत का कारण नहीं बन सकतीं।
Cough Syrup Case: कफ सिरप बिक्री पर प्रतिबंध
दो दिन पहले कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री शुल्का ने कहा था कि कफ सिरप की बात निराधार है और ये मौतें निश्चित रूप से कफ सिरप के कारण नहीं हुई हैं। वहीं, छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के एसोसिएट प्रोफेसर और शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पवन नंदुरकर ने शुक्रवार को बताया कि छिंदवाड़ा जिले में संदिग्ध कफ सिरप सेवन मामले में अब तक कुल नौ बच्चों की मौत हो चुकी है।
राजनीतिक विवाद
कांग्रेस ने स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट आने से पहले दवा कंपनी को क्लीन चिट कैसे दी जा सकती है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सरकार दवा उद्योग को संरक्षण दे रही है और जांच में देरी कर रही है। (Cough Syrup Case)
मामले की जांच और कार्रवाई
छिंदवाड़ा कलेक्टर ने कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है और जांच के लिए नमूने भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले पर नजर बनाए हुए है और स्थिति नियंत्रण में है। आईसीएमआर और नागपुर लैब में भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट आने की उम्मीद है, जिसके बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।
इस बीच, औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त निदेशक टीना यादव ने कहा है कि सभी नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं और रिपोर्ट एक-दो दिन में आने की संभावना है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी। (Cough Syrup Case)









