Delhi Jal Board scam: दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) द्वारा गिरफ्तारी के बाद, दिल्ली की राजनीति में ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) और ‘भारतीय जनता पार्टी’ (BJP) के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है। पार्टी ने इस कार्रवाई को पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष को निशाना बनाने की एक सोची-समझी साजिश और “राजनीतिक प्रतिशोध” बताया है।
Delhi Jal Board scam: AAP ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक कार्रवाई, BJP ने साधा निशाना
आप नेताओं और जैन के वकीलों का तर्क है कि जिस टेंडर प्रक्रिया (अक्टूबर 2022) की बात की जा रही है, उस समय सत्येंद्र जैन पहले से ही दूसरे मामलों में जेल में बंद थे। इसलिए इस कथित घोटाले में उनकी भूमिका होने का सवाल ही नहीं उठता। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केवल राजनीतिक दबाव में की गई है। वहीं, भाजपा ने इस कदम को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त और सही जांच का नतीजा बताया है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यमुना नदी को साफ करने के नाम पर सरकारी धन का भारी दुरुपयोग और हेरफेर किया गया है, जिसके लिए पूर्व जल मंत्री पूरी तरह जिम्मेदार हैं।
STP टेंडर मामले में जैन समेत 5 आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
इस बीच, राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को सत्येंद्र जैन और चार अन्य आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि मामले में शामिल कंसलटेंट अंकित श्रीवास्तव को पुलिस कस्टडी में सौंपा गया है। कोर्ट ने जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख तय की है। (Delhi Jal Board scam)
संजय सिंह का बड़ा आरोप: पंजाब चुनाव से पहले जैन की गिरफ्तारी राजनीतिक साजिश
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने जैन की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है और आगामी पंजाब चुनावों से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि एसीबी ने कोई कार्रवाई नहीं की है। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री और भाजपा ने की है। इस मामले में उनका क्या नियंत्रण है? यह निविदा अक्टूबर 2022 में जारी की गई थी। सत्येंद्र जैन उस समय जेल में थे। उन्हें 30 मई 2022 को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। इस पूरे मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जैन को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह पंजाब के लिए आम आदमी पार्टी के सह-प्रभारी हैं और वहां पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अब, पंजाब चुनाव नजदीक आने के साथ, आप दो साल पुराने मामले को खोदकर उसे जेल में डाल रहे हैं मकसद साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, है ना?” (Delhi Jal Board scam)
‘गिरफ्तारी क्यों की गई?’ संजीव झा का सवाल, ACB की कार्रवाई पर जताई हैरानी
आप नेता संजीव झा ने भी गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि एसीबी ने जैन से हिरासत में पूछताछ की मांग नहीं की थी। उन्होंने कहा, “यह बेहद आश्चर्यजनक है और मैंने ऐसा पहली बार देखा है कि एजेंसी ने गिरफ्तारी के बाद रिमांड नहीं मांगी। गिरफ्तारी क्यों की जाती है? आप किसी को इसलिए गिरफ्तार करते हैं क्योंकि आपको उससे पूछताछ करनी होती है। फिर भी, इस मामले में, एजेंसी ने व्यक्ति को गिरफ्तार किया और तुरंत न्यायिक हिरासत में भेज दिया।”
संजीव नासियार का आरोप: ‘जैन की गिरफ्तारी पूरी तरह राजनीतिक रूप से प्रेरित’
आप लीगल सेल के प्रमुख संजीव नासियार ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी राजनीतिक रूप से प्रेरित थी और कहा कि जब कथित निविदा अनियमितताएं हुईं तब जैन पहले से ही हिरासत में थे। नासियार ने कहा, “गिरफ्तारी पूरी तरह से गलत है। इस संबंध में बहस चल रही है। अपनी बहस के दौरान हमने कहा है कि यह गिरफ्तारी पूरी तरह से राजनीतिक रूप से प्रेरित है।” (Delhi Jal Board scam)
भगवंत मान का BJP पर हमला, बोले- पंजाब में AAP की बढ़ती पकड़ से घबराई भाजपा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी भाजपा पर चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “भाजपा इसी तरह काम करती है। वे घबराए हुए हैं। वे पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करने में असमर्थ रहे हैं, इसीलिए उन्होंने उन्हें गिरफ्तार करने पर विचार किया क्योंकि वे पंजाब में आम आदमी पार्टी के प्रभारी हैं।”
जैन की गिरफ्तारी के बचाव में BJP, हर्ष मल्होत्रा बोले- ‘कुकर्मों का फल मिलना शुरू’
हालांकि, भाजपा ने गिरफ्तारी का बचाव किया और आरोप लगाया कि जांच में दिल्ली जल बोर्ड की निविदा प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि यह गिरफ्तारी आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा कथित तौर पर किए गए गलत कामों के परिणामों को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “यह आम आदमी पार्टी के नेताओं, अरविंद केजरीवाल और सत्येंद्र जैन के कुकर्मों का फल मिलना शुरू हो गया है। दिल्ली जल बोर्ड घोटाले और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट घोटाले के कारण दिल्ली में यमुना नदी प्रदूषित है।” (Delhi Jal Board scam)
बांसुरी स्वराज का AAP पर हमला, बोलीं- जांच एजेंसियों की कार्रवाई से दिल्ली को मिलेगा न्याय
भाजपा सांसद बंसुरी स्वराज ने कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई से दिल्लीवासियों को न्याय मिलेगा। स्वराज ने कहा, “आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने पूरे कार्यकाल में यह साबित कर दिया कि उसका एकमात्र उद्देश्य स्वप्रचार और भ्रष्टाचार था। अब जब जांच एजेंसियों ने सत्येंद्र जैन और चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, तो दिल्ली की जनता को न्याय मिलेगा।”
‘STP टेंडर में जानबूझकर बदली गईं शर्तें’, वीरेंद्र सचदेवा ने AAP पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाया कि एसटीपी टेंडर एक विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए तैयार किया गया था। उन्होंने कहा, “धोखाधड़ी, जालसाजी, छल और चोरी – यही आम आदमी पार्टी का चरित्र है। यमुना की सफाई के बहाने जारी किए गए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर में जानबूझकर ऐसे नियम बनाए गए थे, जिससे एक विशेष कंपनी को फायदा हो।” (Delhi Jal Board scam)
क्या है यह पूरा मामला?
एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) के अनुसार, यह मामला 11 मई 2024 को दर्ज की गई एक एफआईआर से जुड़ा है। आरोप है कि एसटीपी के अपग्रेडेशन और क्षमता बढ़ाने वाले टेंडरों की तकनीकी शर्तों को इस तरह बदला गया, जिससे एक खास प्राइवेट कंपनी, ‘Euroteck Environment Pvt. Ltd.’, को सीधा फायदा पहुंचे। बिना किसी प्रारंभिक पायलट स्टडी के टेंडर में ऐसी कड़ी शर्तें जोड़ी गईं जिससे अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियां दौड़ से बाहर हो गईं और सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
जांच एजेंसी का दावा है कि पूर्व दिल्ली जल बोर्ड सीईओ उदित प्रकाश राय (IAS) और उनके रिश्तेदारों के खातों में 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत ट्रांसफर की गई, जिसे अन्य शेल संस्थाओं के जरिए घुमाया गया था। एसीबी को जांच के दौरान कई ऐसे ई-मेल और मैसेज मिले हैं, जो अधिकारियों और बिचौलियों के बीच टेंडर जारी होने से पहले ही गोपनीय दस्तावेज साझा करने की मिलीभगत की पुष्टि करते हैं। वहीं, सत्येंद्र जैन के वकीलों ने इस मामले में जमानत याचिका दाखिल की है, जिस पर कोर्ट 25 अगस्त को सुनवाई करेगा। (Delhi Jal Board scam)









