Delhi: राष्ट्रीय राजधानी के लुटियंस जोन का नक्शा एक बार फिर बदलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत दशकों पुरानी और प्रतिष्ठित इमारतों—कृषि भवन और शास्त्री भवन—को ध्वस्त करने का निर्णय लिया है। इनके स्थान पर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) बिल्डिंग संख्या 4 और 5 का निर्माण किया जाएगा।
Delhi: नया कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
शास्त्री भवन और कृषि भवन में वर्तमान में कई महत्वपूर्ण केंद्रीय मंत्रालय संचालित हो रहे हैं। इन इमारतों को तोड़ने से पहले, सभी कार्यालयों को हाल ही में बनकर तैयार हुए कॉमन सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग- 1, 2 और 3 में ट्रांसफर किया जा रहा है, जिन्हें अब ‘कर्तव्य भवन’ के नाम से जाना जाएगा।
CCS बिल्डिंग की विशेषताएँ
शास्त्री भवन और कृषि भवन केवल सरकारी इमारतें नहीं थीं, बल्कि ये स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक इतिहास की गवाह रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी इमारतों में जगह की कमी और आधुनिक तकनीक के अभाव के कारण नया बुनियादी ढांचा तैयार करना अनिवार्य हो गया था। (Delhi)
आपको बता दें, यह भवन आधुनिक सुरक्षा तंत्र और AI-आधारित निगरानी से लेस होंगे, और यह पूरी तरह से पेपरलेस और डिजिटल ऑफिस इकोसिस्टम होगा। ऊर्जा की बचत के लिए ग्रीन बिल्डिंग मानकों का पालन करते हुए इस भवन का निर्माण कराया जाएगा।









