Epstein Files Controversy: विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में मकर द्वार के बाहर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा कुख्यात जेफरी एपस्टीन के साथ उनके संबंधों पर सवाल उठाने के बाद से हरदीप सिंह पुरी आलोचनाओं के घेरे में हैं।
Epstein Files Controversy: पोस्टरों के जरिए विपक्ष का तीखा हमला
विपक्षी दलों के सांसदों ने प्रदर्शन के दौरान “किसकी पकड़ है, कौन गला घोंट रहा है” लिखे हुए पोस्टर पकड़े हुए थे। यह घटना राहुल गांधी के बुधवार को इस दावे के बाद सामने आई है कि उनके पास केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा हाल ही में जारी की गई एपस्टीन फाइलों से जोड़ने वाली जानकारी की पुष्टि है।
रायबरेली सांसद के तीखे सवालों ने बढ़ाई सियासी तपिश
रायबरेली सांसद ने सवाल उठाया कि अंबानी, जिनका नाम कथित तौर पर एपस्टीन से संबंधित फाइलों में आया है, उनको जेल क्यों नहीं भेजा गया। उन्होंने कहा, ‘मैंने कहा है कि मैं अपने पास मौजूद डेटा की पुष्टि करूंगा। न्याय विभाग की एपस्टीन से संबंधित फाइलें हैं जिनमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी के नाम हैं।’ (Epstein Files Controversy)
राहुल गांधी ने आगे दावा किया कि भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव था और उन्होंने संवेदनशील मुद्दों से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना की। वहीं, गांधी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रायबरेली सांसद पर पलटवार किया और आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें मूर्खतापूर्ण और मनोरंजन मूल्य वाला बताया।
हरदीप पुरी ने राहुल गांधी के आरोपों को बताया ‘मनोरंजन’ और ‘मूर्खतापूर्ण’
उसी दिन बाद में, गांधी की टिप्पणियों के तुरंत बाद, पुरी ने भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। पुरी ने गांधी की उनके भाषण के बाद लोकसभा से बाहर चले जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि
हमारे पास एक युवा नेता (राहुल गांधी) हैं जिन्होंने आज संसद के सामने कुछ बातें रखीं। उन्हें निराधार आरोप लगाने की आदत है। (Epstein Files Controversy)
भाजपा नेता ने आगे कहा कि दो प्रकार के नेता होते हैं- एक वे जो राजनीतिक व्यवस्था में जिम्मेदारी ग्रहण करते हैं और अपना जीवन समाज सेवा, देश के लिए समर्पित करते हैं, और दूसरे वे जो अपना जीवन इस बात को सुनिश्चित करने में लगाते हैं कि उनके जीवनकाल में देश दसवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाए।
गांधी का मजाक उड़ाते हुए केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि राहुल गांधी जो कुछ भी करते हैं, उसमें भरपूर मनोरंजन है! एक तरफ तो ऐसे नेता हैं जो देश को बदलने के लिए अपना जीवन समर्पित कर देते हैं और दिन-रात काम करते हैं, और दूसरी तरफ उनमें मसखरेपन के तत्व भी हैं। (Epstein Files Controversy)
पुरी ने दी अपने न्यूयॉर्क कार्यकाल की सफाई
पुरी ने साफ शब्दों में कहा कि एपस्टीन के साथ उनका जो भी संपर्क था, वह आठ वर्षों में केवल आधिकारिक मुलाकातों तक ही सीमित था और यौन शोषण के आरोपों से इसका कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा, ‘तीन मिलियन ईमेल जारी किए जा चुके हैं। मैं मई 2009 से आठ साल तक न्यूयॉर्क में रहा, जब मुझे संयुक्त राष्ट्र में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया था। 2017 में मैं मंत्री बना। आठ वर्षों में तीन या चार मुलाकातों का जिक्र है। मेरा उनसे जो भी संपर्क हुआ, उसका पीड़ितों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के गंभीर आरोपों से कोई संबंध नहीं है। (Epstein Files Controversy)









