Gurmeet Ram Rahim: बहुचर्चित पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले में बदलाव करते हुए राम रहीम को छत्रपति हत्याकांड में बरी कर दिया है।
Gurmeet Ram Rahim: क्या था पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, गुरमीत राम रहीम पर सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या की साजिश रचने का आरोप था, जिन्होंने अपने अखबार में डेरा प्रमुख की खुलेआम आलोचना की थी। 2019 में, सीबीआई की एक विशेष अदालत ने उन्हें दोषी पाया और इस मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
राम रहीम के साथ-साथ तीन अन्य दोषियों – कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल – को भी हत्या के मामले में दोषी पाया गया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अदालत ने उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था। (Gurmeet Ram Rahim)
2017 की वो खौफनाक हिंसा: जब पंचकूला की सड़कों पर मचा था तांडव
आज पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति विक्रम अग्रवाल की खंडपीठ ने राम रहीम को बरी करते हुए फैसला सुनाया। हालांकि, राम रहीम 2017 से 20 साल की कैद की सजा काट रहा है और अपनी दो शिष्यों के साथ बलात्कार के आरोप में दोषी ठहराए जाने के बाद रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। (Gurmeet Ram Rahim)

25 अगस्त 2017 को, राम रहीम को बलात्कार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद, पंचकुला और हरियाणा के अन्य शहरों में हिंसा भड़क उठी, जिसमें 40 से अधिक लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। यह हिंसा राम रहीम के अनुयायियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प के बाद हुई थी।
इसी बीच, 2024 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख और चार अन्य लोगों को 2002 में डेरा के एक पूर्व अधिकारी की हत्या के मामले में बरी कर दिया। पंचकुला की विशेष सीबीआई अदालत ने डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में गुरमीत राम रहीम और चार अन्य आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। (Gurmeet Ram Rahim)
आरोप है कि कुरुक्षेत्र के खानपुर कोलियन गांव के निवासी रणजीत सिंह की हत्या 10 जुलाई, 2002 को उस समय कर दी गई थी जब वह हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के खानपुर कोलियन गांव में अपने खेतों में काम कर रहे थे।
गौरतलब है कि बलात्कार के दोषी गुरमीत राम रहीम सिंह को इस साल जनवरी में 40 दिन की पैरोल मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। स्वयंभू धर्मगुरु को पैरोल मिलने का यह पहला मामला नहीं है। अतीत में उनकी अस्थायी रिहाई को लेकर राजनीतिक आलोचना और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी सामने आई हैं। (Gurmeet Ram Rahim)









