Maharashtra MLC Election Result: महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने 17 में से 16 सीटों पर बंपर जीत हासिल की है। विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) का इस चुनाव में सूपड़ा साफ हो गया। चुनाव के नतीजे आने से पहले ही महायुति के 6 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए थे। सोमवार को बाकी बची 11 सीटों के परिणाम घोषित किए गए।
Maharashtra MLC Election Result: भाजपा सबसे बड़ी विजेता, महायुति ने विपक्ष को किया चारों खाने चित
इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सबसे ज्यादा फायदा हुआ, जिसने 11 सीटें जीतीं, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 4 और अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने 2 सीटों पर किस्मत आजमाई थी। महायुति को सिर्फ नासिक सीट पर हार का सामना करना पड़ा। यहाँ भाजपा के बागी उम्मीदवार गोकुल गिट्टे ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और शिवसेना के आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को हरा दिया।
निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों में शिवसेना से रवींद्र फाटक (ठाणे) और दुष्यंत चतुर्वेदी (यवतमाल), एनसीपी से अनिकेत तटकरे (रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग) और विक्रम काकड़े (पुणे), और भाजपा से अरुण लखानी (वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली) और प्राजक्त तनपुरे (अहिल्यानगर) शामिल थे। (Maharashtra MLC Election Result)
भाजपा के विजयी उम्मीदवारों में सुहास शीर्षत (छत्रपति संभाजीनगर-जालना), अविनाश ब्राह्मणकर (भंडारा-गोंदिया), धैर्यशील कदम (सांगली-सतारा), राजेंद्र राउत (सोलापुर), बसवराज पाटिल (धाराशिव-लातूर-बीड), राजीव पोतदार (नागपुर), नंदकिशोर महाजन (जलगांव), प्रवीण पोटे (अमरावती) और अमर राजुरकर (नांदेड़) शामिल हैं। परभणी-हिंगोली सीट से शिवसेना के सैयद खान जीते।
फडणवीस-शिंदे की रणनीति सफल, परिषद चुनाव में महायुति की एकतरफा जीत
यह जीत आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के लिए एक बड़ा बढ़ावा मानी जा रही है। करारी हार के बाद महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि उन्होंने यह चुनाव संविधान की रक्षा के लिए पूरी ताकत से लड़ा। (Maharashtra MLC Election Result)
नासिक सीट पर मिली हार के बाद शिवसेना नेताओं ने महायुति के भीतर ही धोखा दिए जाने और क्रॉस-वोटिंग के आरोप लगाए हैं। इस चुनाव में जिला परिषदों, नगर पालिकाओं और अन्य स्थानीय निकायों के सदस्यों ने वोट डाले थे, जिसमें महायुति का पलड़ा भारी रहा।









