Mallikarjun Kharge on Amit Shah: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खर्गे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है। खर्गे ने यह मांग 30 जुलाई 2026 को संसद के मानसून सत्र के दौरान उठाई। उन्होंने यह कदम 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में उठाया है। सदन में इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच भारी हंगामा हुआ।
Mallikarjun Kharge on Amit Shah: ‘अमित शाह जवाब दें या पद छोड़ें’, खड़गे ने प्रधानमंत्री से भी की कार्रवाई की मांग
मल्लिकार्जुन खर्गे ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर किया गया लाठीचार्ज, आंसू गैस और पेलेट गन का इस्तेमाल गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही में आता है। खर्गे ने राज्यसभा में कहा कि पुलिसिया बर्बरता के कारण प्रदर्शन कर रहे कई मासूम बच्चों के हाथ, कान और आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।उन्होंने कहा कि गृह मंत्री बंद कमरों के पीछे छिप नहीं सकते और यदि वे इस कार्रवाई की जिम्मेदारी नहीं लेते, तो प्रधानमंत्री को उन्हें पद से हटा देना चाहिए।
छात्रों पर लाठीचार्ज और पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया? खड़गे ने पूछा
खरगे ने कहा, “छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया? सादे कपड़ों में छात्रों की पिटाई करने वाले लोग कौन थे? आरएएफ और सीआरपीएफ किसके आदेश पर काम करते हैं? इस पूरी घटना के पीछे मुख्य साजिशकर्ता कौन था? देश इन सवालों के जवाब चाहता है। अगर गृह मंत्री इनका जवाब नहीं दे सकते, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।” (Mallikarjun Kharge on Amit Shah)
उन्होंने आगे मांग की कि अगर अमित शाह इस्तीफा नहीं देते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें पद से हटा देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “अगर अमित शाह इस्तीफा नहीं देते हैं, तो प्रधानमंत्री को उन्हें पद से हटा देना चाहिए। यह सरकार गृह मंत्री अमित शाह को बचाना चाहती है, लेकिन वह उन्हें लंबे समय तक नहीं बचा पाएगी।”
‘100 से ज्यादा छात्र घायल’, खड़गे ने पुलिस कार्रवाई को बताया बर्बर
खरगे ने आरोप लगाया, “दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन में 100 से अधिक छात्र घायल हुए। कई छात्रों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई बच्चों के शरीर और आंखों में पेलेट गन से चोटें आई हैं। कई छात्र अस्पताल में भर्ती हैं। कुछ की आंखों की रोशनी चली गई है, जबकि कई के अंग टूट गए हैं। इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं।”
गिरिराज सिंह के बयान पर भी विपक्ष का विरोध, राज्यसभा में जमकर नारेबाजी
उनके भाषण के दौरान राज्यसभा में जमकर नारेबाजी हुई, विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और पेपर लीक के खिलाफ छात्र विरोध प्रदर्शनों के दौरान विदेशी फंडिंग के आरोपों वाली उनकी टिप्पणियों के लिए माफी मांगने की मांग की। प्रस्तावित कानून की आलोचना करते हुए खार्गे ने कहा कि संशोधनों ने बार-बार होने वाले पेपर लीक के मूल कारणों को संबोधित किए बिना केवल दंड को बढ़ाया है और नए प्रवर्तन तंत्र बनाए हैं। (Mallikarjun Kharge on Amit Shah)
उन्होंने कहा, “सदन में चर्चा के लिए जो विधेयक आया है, उसमें केवल संशोधित संख्याएँ हैं। उच्च दंड, कठोर सजा, विशेष कार्य बल। इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। सवाल यह है कि परीक्षा प्रणाली को कैसे मजबूत किया जाए ताकि पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों।”
सरकार ने 2024 के सुझावों को नजरअंदाज किया, अब करना पड़ रहा संशोधन: खड़गे
खार्गे ने आगे दावा किया कि विपक्ष ने 2024 में भी इसी तरह के सुधारों का सुझाव दिया था, लेकिन सरकार ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा, “सरकार आज जो कर रही है, उसका सुझाव हमने 2024 में ही दे दिया था, लेकिन उस समय सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी। उस समय लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे थे और सरकार राजनीति खेलना चाहती थी, जबकि राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान कागजी सबूत लीक होने के मुद्दे उठा रहे थे। इसका मतलब यह है कि सरकार ने उस कानून को इतनी जल्दबाजी में लाया कि दो साल के भीतर उसमें संशोधन करना पड़ेगा।” (Mallikarjun Kharge on Amit Shah)
लोकसभा से पास एंटी-पेपर लीक बिल पर विपक्ष ने उठाए कई सवाल
खर्गे ने एंटी-पेपर लीक बिल (पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल, 2026) पर बहस के दौरान सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों को आरएसएस से जुड़े लोगों से भरा जा रहा है। खर्गे ने कहा कि शैक्षणिक व्यवस्था को निष्पक्ष बनाने के लिए ऐसे लोगों को संस्थानों के प्रमुख पदों से तुरंत हटाया जाना चाहिए।
संसद के मानसून सत्र के दौरान ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ को विपक्ष के भारी हंगामे और तीखी बहस के बीच 29 जुलाई 2026 को लोकसभा में ध्वनि मत से पास कर दिया गया। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा 27 जुलाई 2026 को पेश किए गए इस विधेयक पर सदन में लगभग 9 घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। (Mallikarjun Kharge on Amit Shah)









