Nicolas Maduro Arrested: दुनिया की राजनीति में आज वो हुआ जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। वेनेजुएला के शक्तिशाली कहे जाने वाले राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अब एक कैदी हैं। शनिवार की तड़के जब दुनिया सो रही थी, तब अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ (Operation Absolute Resolve) के तहत कराकास में घुसकर मादुरो को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, मादुरो शनिवार देर रात न्यूयॉर्क पहुँच चुके हैं, जहाँ उन पर ‘नार्को-टेररिज्म’ (नशीले पदार्थों के जरिए आतंकवाद) के गंभीर आरोपों में मुकदमा चलेगा।
Nicolas Maduro Arrested: निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी
आपको बताते चलें कि यह कोई साधारण गिरफ्तारी नहीं थी। यह एक पूर्ण सैन्य अभियान था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर डेल्टा फोर्स और CIA के कमांडो ने कराकास स्थित मादुरो के अभेद्य किले जैसे महल पर धावा बोला। ऑपरेशन इतना सटीक था कि मात्र 30 मिनट के भीतर मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स को हिरासत में ले लिया गया। हमले के वक्त पूरे कराकास की बिजली गुल कर दी गई थी और शहर धमाकों की आवाज़ से गूँज उठा था।
न्यूयॉर्क के स्टीवर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर जब मादुरो का विमान उतरा, तो नजारा चौंकाने वाला था। कभी मूँछों पर ताव देने वाले मादुरो ग्रे ट्रैकसूट में थे, उनके हाथों में हथकड़ियाँ थीं और आँखों पर ‘ब्लैकआउट गॉगल्स’ लगे थे। उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच सीधे मैनहट्टन के डिटेंशन सेंटर ले जाया गया है। (Nicolas Maduro Arrested)
वैश्विक प्रतिक्रिया: रूस और ईरान का क्या कहना है?
फिलहाल इस घटना ने वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है। जहाँ रूस और ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और ‘किडनैपिंग’ बताया है, वहीं इस्राइल ने ट्रंप के इस कदम की सराहना की है।
इस ऑपरेशन से अमेरिका ने साफ़ कर दिया है कि वह वेनेजुएला का नियंत्रण तब तक संभालेगा जब तक वहां शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाती। इधर वेनेजुएला की सड़कों पर मादुरो के समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए हैं।
अब सवाल ये उठने लगा है कि, क्या यह दक्षिण अमेरिका में एक नए गृहयुद्ध की शुरुआत है?
पूरी दुनिया की निगाहें अब सोमवार को न्यूयॉर्क की अदालत पर टिकी हैं, जहाँ सदियों का सबसे चर्चित ट्रायल शुरू होने जा रहा है। (Nicolas Maduro Arrested)









