“आसमान में मौत का साया और नीचे धड़कती भुवनेश्वर की धड़कनें, राउरकेला से उड़ान भरने वाले उस विमान के यात्रियों के लिए कुछ मिनट किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं थे। जैसे ही विमान ने रनवे छोड़ने के कुछ देर बाद हिचकोले खाने शुरू किए, चीख-पुकार मच गई। पायलट की सूझबूझ और किस्मत के साथ ने एक बड़ी तबाही को टाल दिया, लेकिन इस क्रैश लैंडिंग ने विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब विमान का मलबा बिखरा और धुएं का गुबार उठा, तो सबकी सांसें अटक गई थीं, मगर कुदरत का करिश्मा देखिए कि मौत के मुंह से सभी सुरक्षित बाहर आ गए।”

ओडिशा के राउरकेला से भुवनेश्वर की उड़ान भरने वाला एक विमान तकनीकी खराबी के चलते दुर्घटनाग्रस्त हो गया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। विमान में पायलट समेत कुल 6 लोग सवार थे, जिन्हें मामूली चोटें आई हैं। उन्हें नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक भुवनेश्वर से राउरकेला जा रहा 9-सीटर विमान उड़ान भरने के करीब 10 किलोमीटर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में चार यात्री और दो क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें कैप्टन नवीन कड़ंगा और कैप्टन तरुण श्रीवास्तव शामिल थे। हादसे की वजह जो सामने आ रही है। उसमे प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, उड़ान भरने के मात्र 20 मिनट बाद ही विमान के बाएं इंजन में आग लग गई थी। पायलट ने भुवनेश्वर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी, लेकिन रनवे तक पहुँचने से पहले ही विमान एक खाली खेत में गिर गया।

घायलों की स्थिति: विमान में कुल 9 लोग सवार थे (7 यात्री और 2 क्रू मेंबर्स)। इस हादसे में 6 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को भुवनेश्वर के AIIMS और कैपिटल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: ओडिशा फायर सर्विस और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर मलबे से लोगों को निकाला। गनीमत रही कि विमान के ईंधन टैंक में विस्फोट नहीं हुआ, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था।

“इस घटना के बाद डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में ओडिशा के क्षेत्रीय हवाई मार्गों पर छोटे विमानों की तकनीकी खराबी के कई मामले सामने आए हैं। भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर फिलहाल अन्य उड़ानों को कुछ समय के लिए री-शेड्यूल किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) घायलों के इलाज की निगरानी कर रहा है और विमान कंपनी के मेंटेनेंस रिकॉर्ड को भी जब्त कर लिया गया है।”









