Shiv Sena UBT Crisis: शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने बागी पार्टी सांसदों पर तीखा हमला करते हुए सोशल मीडिया पर एक रहस्यमय पोस्ट शेयर किया है। राउत ने एक्स पर हिंदी में लिखा, “कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं, लेकिन वफादार नहीं होते” और इसके साथ कैप्शन में “जय महाराष्ट्र!” लिखा, जिसे सीधे तौर पर बागी सांसदों और एकनाथ शिंदे गुट पर निशाना माना जा रहा है।

दिल्ली संसदीय बैठक से 6 सांसदों की अनुपस्थिति से बढ़ा विवाद
यह विवाद तब और गहरा गया है, जब उद्धव ठाकरे गुट के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 ने दिल्ली में हुई एक महत्वपूर्ण संसदीय बैठक में हिस्सा नहीं लिया। यह पूरा मामला महाराष्ट्र की राजनीति और उद्धव ठाकरे की पार्टी के अस्तित्व से जुड़ा हुआ है। पार्टी के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद बैठक से गायब रहे। वे कथित तौर पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (जो बीजेपी के साथ सरकार में है) में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। (Shiv Sena UBT Crisis)
बागी सांसदों पर ₹15–25 करोड़ के ऑफर और सत्ता सौदेबाज़ी के आरोप
संजय राउत ने दावा किया कि इन बागी सांसदों को पाला बदलने के लिए पहले 15-15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर और ज़्यादा कर दिया गया। राउत का कहना है कि बागी सांसदों के बीच इस बात की लड़ाई चल रही है कि केंद्र में मंत्री कौन बनेगा। जिन सांसदों को मंत्री पद नहीं मिलेगा, उनके लिए ₹25 करोड़ का अतिरिक्त ‘सेटलमेंट’ तय हुआ है। शिवसेना (UBT) ने बैठक में न आने वाले सभी 6 सांसदों को कारण बताओ नोटिस भेजा है और 7 दिन में जवाब मांगा है। राउत ने साफ़ कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने पर उनकी संसद सदस्यता रद्द (अयोग्य) कराई जाएगी। (Shiv Sena UBT Crisis)
Shiv Sena UBT Crisis: कौन से सांसद बागी हुए और कौन वफादार रहे?
| पार्टी के साथ खड़े सांसद (वफादार) | बगावत की राह पर चल रहे सांसद (बागी) |
| अरविंद सावंत | संजय दीना पाटिल |
| अनिल देसाई | संजय देशमुख |
| राजाभाऊ वाजे | संजय जाधव |
| संजय राउत (राज्यसभा सांसद) | भाऊसाहेब वाकचौरे |
| नागेश पाटिल अष्टिकर | |
| ओमप्रकाश राजे निंबालकर |
आदित्य ठाकरे का हमला तेज: ‘एहसानफरामोश और भ्रष्ट’ कहकर साधा निशाना
संजय राउत इस बगावत से बेहद गुस्से में हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बागियों के खिलाफ खुलकर बेहद सख्त और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और मीडिया से इसे सेंसर न करने को कहा। उनके गुस्से का पार्टी के अन्य नेताओं जैसे प्रियंका चतुर्वेदी और आदित्य ठाकरे ने भी समर्थन किया है। आदित्य ठाकरे ने इन नेताओं को ‘एहसानफरामोश और भ्रष्ट’ बताया, जिन्होंने उद्धव ठाकरे के नाम पर चुनाव जीता लेकिन अब धोखा दे रहे हैं। (Shiv Sena UBT Crisis)
राउत ने चुनौती दी है कि अगर इन बागी सांसदों में थोड़ी भी हिम्मत और नैतिकता बची है, तो वे तुरंत अपने पदों से इस्तीफा दें और जनता के बीच जाकर दोबारा चुनाव लड़कर दिखाएं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब संसद से लेकर कोर्ट और महाराष्ट्र की सड़कों तक लड़ी जाएगी।









