Swami Avimukteshwarananda: धर्म और राजनीति के संगम पर आज एक ऐसा टकराव देखने को मिला, जिसने लखनऊ की सत्ता के गलियारों में हलचल तेज कर दी है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा 101 बटुकों (ब्राह्मण बटुकों) को सम्मानित करने के कार्यक्रम को जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ‘ढोंग’ करार दिया है।

Swami Avimukteshwarananda ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार की मंशा पर गहरे सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा कि एक तरफ सनातन धर्म के रक्षकों और बटुकों पर लाठियां भांजी जाती हैं, उनके अधिकारों का हनन होता है, और दूसरी तरफ कैमरों के सामने सम्मान का नाटक किया जाता है।
स्वामी जी का आरोप है कि यह सम्मान केवल लोगों को गुमराह करने और अपनी ‘हिंदू-हितैषी’ छवि को बचाने की एक कोशिश है। आपको बता दें कि, उनका आक्रोश इतना गहरा है कि स्वामी जी ने 14 मार्च को लखनऊ कूच का बिगुल फूंक दिया है, जो सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। (Swami Avimukteshwarananda)
समाजवादी पार्टी ने की डिप्टी सीएम के इस्तीफे की मांग
तो वहीं, समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लेते हुए डिप्टी सीएम से इस्तीफे की मांग कर दी है। विपक्ष का कहना है कि जब धर्मगुरु ही सरकार के आचरण पर सवाल उठा रहे हैं, तो यह साफ है कि परदे के पीछे का सच कुछ और ही है। (Swami Avimukteshwarananda)
फिलहाल, जब धर्म की ध्वजा उठाने वाले और सत्ता की कुर्सी संभालने वाले आमने-सामने हों, तो दरार गहरी हो जाती है। स्वामी जी का ‘लखनऊ कूच’ का ऐलान यह साफ करता है कि केवल फूल चढ़ाने से वो घाव नहीं भरेंगे जो ‘प्रहारों’ से लगे हैं। अब देखना यह है कि क्या सरकार संवाद का रास्ता चुनेगी या फिर यह सियासी और धार्मिक घमासान एक नए आंदोलन का रूप ले लेगा।









