UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में 72.78 करोड़ रुपये की लागत से बने क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। सीएम योगी ने कहा कि आधुनिक एफएसएल लैब एक गेम चेंजर के रूप में कार्य करेगी और राज्य सरकार राज्य के प्रत्येक मंडल में एक ऐसी लैब स्थापित करने का लक्ष्य रख रही है।
UP: आधुनिक तकनीक से सुसज्जित
सीएम योगी ने बताया कि यह प्रयोगशाला अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिससे जाँच में तेज़ी आएगी। इसमें एक उन्नत डीएनए केंद्र, एक डीएनए लैब, एआई, ड्रोन और रोबोटिक लैब भी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक मंडल में एक आधुनिक एफएसएल लैब स्थापित करना है।

मोबाइल फोरेंसिक लैब वैन: अपराधियों के खिलाफ तेज़ कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने राज्य के 75 जिलों में दो-दो मोबाइल फोरेंसिक लैब वैन आवंटित की हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ये लैब किसी भी अपराधी को सबूतों के अभाव में सालों तक बचने नहीं देंगी, बल्कि जाँच के कुछ ही घंटों में विश्वसनीय सबूत उपलब्ध करा देंगी। (UP)
सीएम ने कहा कि हमने सभी 75 जिलों में दो-दो मोबाइल लैब वैन आवंटित की हैं। वे अपराध स्थलों से नमूने एकत्र करेंगी। अब पीड़ितों को न्याय पाने के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि आरोपियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। अब आपराधिक जांच के कुछ ही घंटों के भीतर सबूत पेश कर दिए जाएंगे। लैब डीएनए पहचान तकनीक से भी लैस है। कोई भी अपराधी सजा से बच नहीं पाएगा।

फोरेंसिक शिक्षा के नए अवसर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “लखनऊ में राज्य फोरेंसिक संस्थान युवाओं को फोरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए शिक्षित करेगा। हमने लैब में विभिन्न पाठ्यक्रम जोड़े हैं, जिनमें सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा कोर्स और डिग्री कोर्स शामिल हैं।
सीएम योगी ने कहा कि इन उन्नत प्रयोगशालाओं का उद्देश्य अपराधियों, बलात्कारियों, आतंकवादियों, हत्यारों आदि के खिलाफ विश्वसनीय साक्ष्य जुटाना और पीड़ितों व उनके परिवारों को त्वरित न्याय दिलाना है। (UP)
साइबर अपराध और आतंकवाद से लड़ाई
यह सुविधा आतंकवाद, धमकी, फर्जीवाड़ा, संगठित अपराध और साइबर अपराध की जांच को नई गति देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में प्रदेश में केवल चार फोरेंसिक लैब थीं, आज 12 हैं और छह नई स्वीकृत हो चुकी हैं। लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश की हर रेंज में अपनी फोरेंसिक लैब हो। उन्होंने बताया कि पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता 6,000 से बढ़ाकर 60,000 कर दी गई है, जो पूरे देश में रिकॉर्ड है। प्रदेश में एक लाख से अधिक सीसी कैमरों का नेटवर्क अपराध रोकथाम में मदद कर रहा है। (UP)

गोरखपुर की ए-ग्रेड लैब: पूर्वांचल के लिए एक वरदान
उन्होंने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों में सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले हर अपराध में फोरेंसिक जांच अनिवार्य है, इसलिए आधुनिक लैब की जरूरत और बढ़ जाती है। गोरखपुर की नई ए-ग्रेड लैब न केवल पूर्वांचल के जिलों—देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती की जरूरतें पूरी करेगी बल्कि नेपाल सीमा से जुड़े मामलों में भी बड़ी भूमिका निभाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि लैब में स्थापित बैलिस्टिक यूनिट आग्नेय अस्त्रों की जांच को पहले से कहीं तेज बना देगी, जबकि विस्फोटक व रासायनिक विश्लेषण यूनिटें बम विस्फोट, आगजनी और रासायनिक अपराधों की तह तक पहुंचने में मदद करेंगी। वॉइस एनालिसिस यूनिट फिरौती, धमकी, उगाही और आतंकवाद से जुड़े काल की पुष्टि में अहम साबित होगी। गृह विभाग की इस परियोजना का निर्माण राजकीय निर्माण निगम ने पूरा किया है। (UP)
वैज्ञानिक जांच की सुविधा
एडीजी तकनीकी सेवाएं नवीन अरोड़ा ने कहा कि यह लैब गोरखपुर जोन के 11 जिलों को वैज्ञानिक जांच की मजबूत सुविधा देगी और अपराध का वैज्ञानिक विश्लेषण अब कोर्ट में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत करेगा। कार्यक्रम में सांसद रवि किशन,विधायक विपिन सिंह,महेंद्र पाल सिंह, विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ला, जिला अध्यक्ष जनार्दन तिवारी, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, एडीजी जोन मुथा अशोक जैन मौजूद रहे। (UP)









