US-Israel Strikes on Iran: ईरान पर अमेरिका और इजरायल की नॉनस्टॉप सैन्य कार्रवाई जारी है। राजधानी तेहरान समेत ईरान के कई बड़े शहरों पर लगातार बम बरस रहे हैं। तेहरान में भारी तबाही की सूचना है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की भी मौत हो गई है, जिसके बाद ईरान बदले की आग में जल रहा है।
इन घटनाओं के बाद ईरान ने इजरायल समेत 9 देशों को निशाना बनाया है और मिसाइल व ड्रोन से हमले किए हैं। ईरान के अलावा कई अन्य देशों में अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं।
US-Israel Strikes on Iran: गृह मंत्रालय ने राज्यों को क्यों जारी की चेतावनी?
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्य सरकारों को एक चेतावनी पत्र जारी कर भारत में संभावित सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ कड़ी सतर्कता बरतने का आग्रह किया है। 28 फरवरी को पत्र में चेतावनी दी गई थी कि विदेशों में हो रहे घटनाक्रमों का घरेलू स्तर पर असर पड़ सकता है, विशेष रूप से धार्मिक सभाओं में भड़काऊ बयानबाजी के माध्यम से।
भड़काऊ भाषणों और कट्टरपंथ पर सरकार की पैनी नज़र
गृह मंत्रालय ने अपनी सलाह में राज्य के अधिकारियों से कहा है कि वे ईरान समर्थक कट्टरपंथी उपदेशकों की निगरानी करें और उनकी पहचान करें जो भड़काऊ भाषण दे रहे हैं और स्थानीय समुदायों में अशांति या सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकते हैं। पत्र में कानून-व्यवस्था बिगड़ने से बचने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने और निवारक कार्रवाई को तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। (US-Israel Strikes on Iran)
गृह मंत्रालय की यह चेतावनी मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच आई है, जहां कथित तौर पर अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य अभियान में ईरानी शहरों और सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, जिससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह करते हुए और खाड़ी देशों में रहने वाले कई नागरिकों सहित अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया है।
राज्यों को सरकार की सलाह में कानून-व्यवस्था की नियमित तैयारियों के साथ-साथ उन भाषणों और उपदेशों पर विशेष ध्यान दिया गया है जो सांप्रदायिक भावनाओं को भड़का सकते हैं। (US-Israel Strikes on Iran)
खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय का आक्रोश
अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर आक्रोश और शोक जताने के लिए रविवार को भारत के विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए थे। खामेनेई की हत्या के विरोध में हुए प्रदर्शनों के मद्देनजर सोमवार (2 मार्च) को कश्मीर भर में मोबाइल इंटरनेट की गति धीमी कर दी गई।
जम्मू और कश्मीर पुलिस ने ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के विरोध में इकट्ठा हुए लोगों के समूहों को पीछे हटाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, हालांकि कश्मीर के सभी जिलों में एहतियाती उपाय के तौर पर प्रतिबंध लगाए गए थे। (US-Israel Strikes on Iran)
अफवाहों से बचने के लिए पुलिस की अपील
इस बीच, पुलवामा पुलिस ने सभी मीडिया संगठनों, पत्रकारों, सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं, डिजिटल प्लेटफॉर्मों और आम जनता से जिले में कानून व्यवस्था, सुरक्षा संबंधी मामलों या सार्वजनिक सभाओं से संबंधित किसी भी जानकारी की रिपोर्टिंग या साझा करते समय जिम्मेदारी और विवेक के साथ कार्य करने की अपील की है।
यह घटना ऐसे समय घटी है जब क्षेत्र में शिया मुस्लिम समुदाय अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर शोक मना रहा है। रविवार को जम्मू और कश्मीर में शिया समुदाय के सदस्यों ने अमेरिकी और इजरायल के नेतृत्व वाले हमलों में ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद श्रीनगर में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (UNMOGIP) के मुख्यालय के बाहर एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया। (US-Israel Strikes on Iran)

बांदीपोरा और रामबन में विरोध प्रदर्शन
विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, जिसमें प्रतिभागियों ने खामेनेई की तस्वीरें और ईरान के समर्थन में बैनर लिए हुए थे। श्रीनगर की सड़कों पर काले झंडे, अयातुल्ला की तस्वीर और पारंपरिक शोक गीत (नौहा) सुने गए। कल बांदीपोरा और रामबन में भी विरोध प्रदर्शन हुए।
रामबन में प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, “तुम कितने हुसैनी मारोगे… हर घर से हुसैनी निकलेगा।” उन्होंने प्रदर्शन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का पुतला भी जलाया। बांदीपोरा में प्रदर्शनकारियों ने दिवंगत धर्मगुरु के चित्र लेकर इस घटना पर शोक और निंदा व्यक्त की। इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के विरोध में बुडगाम और श्रीनगर में भी इसी तरह के प्रदर्शन किए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल विरोधी नारे लगाए, ईरान के साथ एकजुटता व्यक्त की और हमले की निंदा की। (US-Israel Strikes on Iran)









