“क्या 2027 में फिर चलेगा ‘चाणक्य’ का जादू? अमित शाह की लखनऊ और दिल्ली वाली सीक्रेट मीटिंग्स ने बदल दी है यूपी की पूरी सियासी बिसात!” उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 का रण अभी से गर्माने लगा है। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक बैठकों का दौर जारी है, और गृह मंत्री अमित शाह की हालिया सक्रियता ने “मिशन 2027” की रूपरेखा साफ कर दी है।
सीएम योगी का दिल्ली दौरा एक और मायने में काफी ज़्यादा महत्वपूर्ण माना जा रहै है, क्योंकि इसी महीने खरमास के बाद राजनीतिक गलियारों में ये भी चर्चा है कि योगी कैबिनेट का विस्तार होना है। जिसको लेकर ये बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सीएम योगी का पहले पीएम मोदी से मुलाकात और फिर गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे है।

अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सीएम योगी गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगे। मुलाकातों के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो चली हैं। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे जितिन प्रसाद व अनूप प्रधान अब केंद्र सरकार में मंत्री हैं। योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में छह पद खाली हैं। इसके साथ कई मंत्रियों को हटाए जाने की भी चर्चा है। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली में भी कई स्तर पर मंथन होगा। इससे पहले लखनऊ में संगठन की कई दौर की बैठक हुई थी।
योगी-शाह का ‘डबल इंजन’
अमित शाह की बैठकों में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ छवि और शाह की ‘चुनावी चाणक्य’ वाली रणनीति को मिलाकर एक अभेद्य किला तैयार किया जा रहा है।









