लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने नए बजट 2026-27 के जरिए प्रदेश की आधी आबादी यानी महिलाओं और बेटियों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किए गए इस बजट में ‘मिशन शक्ति’ को अगले स्तर पर ले जाने का संकल्प साफ दिखाई दे रहा है। सरकार ने न केवल बेटियों की शिक्षा बल्कि कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार के लिए भी भारी-भरकम फंड आवंटित किया है। इस बजट का केंद्र बिंदु महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और सामाजिक रूप से सुरक्षित बनाना है।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना: मेधावी छात्राओं के सपनों को मिलेगी रफ़्तार
इस बजट की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित घोषणा ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ है। सरकार ने इस योजना के लिए ₹400 करोड़ का भारी-भरकम प्रावधान किया है। इसके तहत प्रदेश की मेधावी छात्राओं को कॉलेज जाने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए मुफ्त स्कूटी दी जाएगी। यह कदम न केवल बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करेगा, बल्कि उनकी आवाजाही को भी सुगम और सुरक्षित बनाएगा।
शिक्षा और सुरक्षा: हर जिले में हाई-टेक हॉस्टल और कन्या सुमंगला योजना
बेटियों के जन्म से लेकर उनकी स्नातक की पढ़ाई तक सरकार का साथ बना रहेगा। ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ के माध्यम से आर्थिक मदद का सिलसिला जारी रखने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, दूर-दराज के क्षेत्रों से आकर पढ़ाई करने वाली बेटियों के लिए सरकार हर जिले में ‘हाई-टेक छात्रा हॉस्टल’ बनाने जा रही है। इन हॉस्टलों में आधुनिक सुविधाएं और कड़ा सुरक्षा घेरा होगा, ताकि बेटियां बिना किसी डर या बाधा के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।
कामकाजी महिलाओं के लिए ‘वर्किंग वूमेन हॉस्टल’ और सेफ सिटी
शहरों में नौकरी करने वाली महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या सुरक्षित आवास की होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने सभी नगर निगमों में ‘वर्किंग वूमेन हॉस्टल’ बनाने का निर्णय लिया है। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए ‘सेफ सिटी परियोजना’ का विस्तार किया गया है, जिसके तहत पिंक बूथों की संख्या बढ़ाई जाएगी और चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा। इससे कामकाजी महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षित माहौल सुनिश्चित हो सकेगा।
ग्रामीण उद्यमिता: बाजार से जुड़ेंगे स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद
गाँवों की महिलाओं को बिजनेस से जोड़ने और उन्हें ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में सरकार ने ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना’ शुरू की है। यह योजना ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) द्वारा बनाए गए उत्पादों को ब्रांडिंग और सही बाजार दिलाने में मदद करेगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।









