मुस्तफिज़ुर रहमान को आईपीएल (IPL 2026) से बाहर किए जाने के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर का बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। थरूर ने खेल और राजनीति को अलग रखने की वकालत करते हुए बीसीसीआई (BCCI) के इस फैसले को “बेहद शर्मनाक” और “अदूरदर्शी” बताया है।
“क्या एक क्रिकेटर को दूसरे देश के हालातों की सजा मिलनी चाहिए? मुस्तफिज़ुर रहमान पर बैन के बाद शशि थरूर का वह बयान, जिसने दिल्ली से ढाका तक नई बहस छेड़ दी है— ‘बांग्लादेश पाकिस्तान नहीं है, वह आतंकी नहीं भेजता!'” कांग्रेस सांसद ने कहा, “मैंने इस मुद्दे पर शुरू से ही अपना रुख स्पष्ट कर दिया था। मैं काफी समय से यह तर्क देता रहा हूं कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए या यूं कहें कि राजनीतिक विफलताओं का मुख्य बोझ खेल पर नहीं डाला जाना चाहिए।”

मुस्तफिजुर विवाद पर थरूर की दो टूक
बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल टीम से बाहर करने पर शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने कहा, “बीसीसीआई (BCCI) का यह फैसला बेहद ही गलत है। यह एक खेल से जुड़े फैसले का अनावश्यक राजनीतिकरण है। मुझे इसके कई पहलुओं पर आपत्ति है। पहला यह कि विशुद्ध रूप से क्रिकेट (Cricket) लिहाज से देखें तो इसका कोई मतलब नहीं बनता क्योंकि टीमों को बीसीसीआई द्वारा चयनित रजिस्टर्ड खिलाड़ियों के समूह में से चयन करने के लिए आमंत्रित किया गया था। ऐसे में अगर कोई खिलाड़ी उस समूह में था तो केकेआर को उस समूह से किसी को चुनने के लिए दोषी क्यों ठहराया जा रहा है?”
बांग्लादेशी खिलाड़ियों का बहिष्कार गलत संदेश- शशि थरूर
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, “हम स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हमने वहां की सरकार को स्पष्ट रूप से यह भी बता दिया है कि अल्पसंख्यकों को धमकाना और डराना-धमकाना स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए अनुकूल वातावरण नहीं बनाएगा। सच्चाई यह है कि इतने जटिल संबंधों के बीच, सीधे-सीधे यह कहना कि हम सभी बांग्लादेशी खिलाड़ियों का बहिष्कार करेंगे बिल्कुल गलत संदेश देता है।”

थरूर के मुख्य तर्क
- मुस्तफिज़ुर ने व्यक्तिगत रूप से कभी कोई नफरत भरा बयान नहीं दिया।
- अगर खिलाड़ी हिंदू होता (जैसे लिटन दास), तो क्या बीसीसीआई तब भी ऐसा ही करती?
- पड़ोसी देशों को इस तरह अलग-थलग करना भारत की कूटनीति के लिए हानिकारक है।
विवाद की जड़
आईपीएल 2026 की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिज़ुर रहमान को ₹9.20 करोड़ में खरीदा था। लेकिन बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों (विशेषकर हिंदुओं) पर हो रहे हमलों के विरोध में भारत में मुस्तफिज़ुर के खिलाफ सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू हो गया।

BCCI का दखल
बढ़ते दबाव और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए, बीसीसीआई ने केकेआर को निर्देश दिया कि वे मुस्तफिज़ुर को टीम से बाहर (Release) कर दें। केकेआर ने आधिकारिक तौर पर उन्हें रिलीज कर दिया है।
बांग्लादेश की प्रतिक्रिया
इस विवाद के जवाब में आज ही बांग्लादेश सरकार ने अपने देश में आईपीएल के प्रसारण और प्रमोशन पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया है।









