Gurmeet Ram Rahim: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर जेल से बाहर आने का रास्ता मिल गया है। रोहतक की हाई-सिक्योरिटी सुनारिया जेल में बंद राम रहीम को प्रशासन ने 40 दिनों की पैरोल मंजूर कर दी है। बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में उम्रकैद की सजा काट रहे राम रहीम की इस रिहाई को लेकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
गंभीर अपराधों के बावजूद बार-बार पैरोल (Gurmeet Ram Rahim)
गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों के यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराया गया था। इसके अलावा, उसे निडर पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वह पिछले कई वर्षों से रोहतक की जेल में अपनी सजा काट रहा है, लेकिन समय-समय पर उसे पैरोल या फर्लो मिलती रही है।
सूत्रों के अनुसार, पैरोल की अवधि के दौरान राम रहीम के उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम में रहने की संभावना है। जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रही है ताकि पैरोल की अवधि के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पैरोल जेल मैनुअल के नियमों के तहत ही दी गई है। (Gurmeet Ram Rahim)
राम रहीम को बार-बार मिलने वाली पैरोल अक्सर विवादों का केंद्र रही है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पीड़ित परिवारों ने कई बार इस पर सवाल उठाए हैं। आलोचकों का तर्क है कि संगीन अपराधों में सजा काट रहे कैदी को इतनी जल्दी-जल्दी पैरोल मिलना न्याय प्रणाली के लिए एक चिंता का विषय है।









