Lekhpal Dashboard: उत्तर प्रदेश में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के साथ वरासत में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया जल्द ही और सरल होने जा रही है। इसके लिए लेखपाल डैशबोर्ड का निर्माण किया गया है, जिसका शुभारंभ राजस्व परिषद के चेयरमैन अनिल कुमार द्वारा गुरुवार को सरोजीनगर तहसील में किया जाएगा। भविष्य में राजस्व निरीक्षक डैशबोर्ड, तहसीलदार डैशबोर्ड और उपजिलाधिकारी डैशबोर्ड भी बनाया जाएगा।
अध्यक्ष राजस्व परिषद अनिल कुमार ने बताया कि प्रदेश में रोजाना नागरिकों से सबसे ज्यादा संवाद लेखपाल से होता है। भूमि संबंधी अभिलेखों का अद्यतन, विभिन्न प्रमाणपत्रों का सत्यापन, राजस्व से संबंधित जांचें और रिपोर्ट प्रस्तुत करने जैसे अनेक उत्तरदायित्व लेखपालों के पास हैं।
प्रदेश की आबादी की जरूरतों को संभालने का काम करीब 22 हजार लेखपाल करते हैं। इसीलिए लेखपालों को डिजिटल माध्यम से सशक्त बनाना समय की मांग है और इसके लिए लेखपाल डैशबोर्ड का निर्माण कराया गया है। इससे लेखपाल स्तर से किए जा रहे सभी काम शत-प्रतिशत डिजिटली होगा।
लेखपाल डैशबोर्ड की विशेषताएं
अनिल कुमार ने बताया कि लेखपाल को केवल एकल लॉगिन के माध्यम से अपने सभी काम व्यवस्थित ढंग से करने की सुविधा मिलेगी। भूमि अभिलेखों का अद्यतन, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्रों से संबंधित आवेदनों की स्थिति तथा धारा-34, 80, 89 और 98 की कार्यवाही इस डैशबोर्ड पर उपलब्ध होगी। जो सेवाएं मौजूदा समय ऑफलाइन हैं, उन्हें भी शीघ्र ऑनलाइन करने की तैयारी है, जिससे प्रदेश के अंतिम छोर तक बैठे नागरिक को तेजी से पारदर्शी सुविधा मिल सके।
हल्का मैपिंग, अवकाश आवेदन और अनुमोदन भी पूर्णतः ऑनलाइन हो जाएगा। उच्चाधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के काम की प्रगति एवं स्थिति वास्तविक समय में देख सकेंगे। जिला एवं तहसील स्तर पर कामों की तुलना व विश्लेषण संभव होगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
गौरतलब है कि इस पहल से करोड़ों लोगों को लाभ होगा, खासकर उन अभ्यर्थियों को जो नौकरियों और सरकारी कॉलेजों में वेटेज के लिए जाति और आय प्रमाण पत्रों की जरूरत होती है।









