भारतीय विमानन (Aviation) क्षेत्र में अब नई उड़ान और बड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलने वाली है। केंद्र की मोदी सरकार ने हवाई सफर करने वाले करोड़ों देशवासियों को बड़ी खुशखबरी देते हुए तीन नई एयरलाइनों के संचालन को हरी झंडी दे दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय का यह फैसला न केवल बाजार में इंडिगो और एअर इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों के एकाधिकार (Monopoly) को चुनौती देगा, बल्कि यात्रियों के लिए हवाई टिकटों की कीमतों को भी कम करने में मददगार साबित होगा। आपको बताते चलें कि, पिछले कुछ समय से तकनीकी खराबी और विमानों के खड़े होने के कारण इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस के संकट से यात्रियों को महंगे टिकटों और उड़ानों के रद्द होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। सरकार के इस कदम से बाजार में मुकाबला बढ़ेगा, जिसका सीधा फायदा आम जनता को ‘सस्ते हवाई सफर’ के रूप में मिलेगा।

नई उड़ानों के तीन नए खिलड़ियों से मिलीए
चलिए मिलाते हैं आपको इन नई उड़ानों के नए तीन खिलड़ियों से, जिसको सरकार ने उड़ानी मैदान में उतारा है, और इन कंपनियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) देकर उनकी पारी की नई शुरुआत की है।
1. अल हिंद एयर (Al Hind Air): भारी निवेश और नए बेड़े के साथ यह एयरलाइन बड़े शहरों को जोड़ने के लिए तैयार है।
2. फ्लाईएक्सप्रेस (FlyExpress): यह एयरलाइन क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (Regional Connectivity) पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिससे छोटे शहरों के लोगों को सीधी उड़ानें मिल सकेंगी।
3. शंख एयर (Shankh Air)- उत्तर प्रदेश स्थित इस एयरलाइन को पहले ही एनओसी मिल चुका है। यह यूपी के प्रमुख शहरों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।

सिविल एविएशन मंत्री के राम मोहन नायडू का एक्स पर पोस्ट
सिविल एविएशन मंत्री के राम मोहन नायडू ने एक्स के माध्यम से इस मंजूरी की जानकारी दी और कहा कि सरकार की यह रणनीति है कि वह अधिक एयरलाइनों को प्रोत्साहित करे ताकि भारत की बढ़ती हवा यात्रा की मांग को पूरा किया जा सके। इसके साथ ही यूडीएएन योजना के तहत क्षेत्रीय विमान सेवाएं बढ़ाई गई हैं, जिससे छोटे शहरों को भी राष्ट्रीय विमान नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इस नई पहल से उम्मीद है कि घरेलू यात्रा के क्षेत्र में विकल्पों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी, जिससे भारतीय एविएशन सेक्टर और अधिक मज़बूत होगा।

देखा जाए तो यह देशवासियों के लिए इसलिए सौगात है, क्यूंकि जब अधिक एयरलाइंस होंगी, तो यात्रियों को लुभाने के लिए कंपनियां किराए में कटौती करेंगी, और यात्रियों के पास अब समय और रूट के हिसाब से चुनने के लिए अधिक विकल्प होंगे। देखा जाए तो 3 नई एयरलाइंस आने से पायलट, केबिन क्रू, ग्राउंड स्टाफ और इंजीनियरिंग क्षेत्र में हजारों नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।
और छोटे शहरों को पंख मिलेंगे, जहां टायर-2 और टायर-3 शहरों के लिए सीधी उड़ानें बढ़ने से व्यापार और पर्यटन को गति मिलेगी। वहीं सरकार का मानना है कि ”हमारा लक्ष्य हवाई चप्पल पहनने वाले आम नागरिक को भी हवाई जहाज की यात्रा कराना है। नई एयरलाइंस के आने से विमानन क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और बेहतर सेवा सुनिश्चित होगी।”
फिलहाल ’शंख एयर’ का आना विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह राज्य की पहली बड़ी निजी एयरलाइन के रूप में उभर सकती है, जिससे नोएडा (जेवर) और अयोध्या जैसे एयरपोर्ट्स को और भी शानदार कनेक्टिविटी मिलेगी।









