Indian Air Force AN-32 Plane Crash: असम के जोरहाट वायुसेना स्टेशन पर शनिवार, 13 जून 2026 को भारतीय वायुसेना (IAF) का एक AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें वायुसेना के 5 जवान शहीद हो गए। यह विमान अरुणाचल प्रदेश से उड़ान भरकर जोरहाट के रौरिया एयरफोर्स स्टेशन पर उतर रहा था। लैंडिंग के समय विमान दो हिस्सों में टूट गया और उसमें भीषण आग लग गई। विमान के को-पायलट इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

Indian Air Force AN-32 Plane Crash: फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की अंतिम बातचीत
इस बीच, विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले भारतीय वायु सेना के पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की मां ने अपने बेटे के साथ हुई आखिरी बातचीत को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वह घर नहीं लौटेंगे। पूनम कुमार ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “मैंने कल सुबह उनसे बात की थी। उन्होंने मुझे बताया था कि वह एक मिशन पर जा रहे हैं। मुझे कल कोई कॉल नहीं आया था, लेकिन फिर मुझे कॉल आया कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। वह 5 मई को आए और 29 मई को चले गए। मुझे नहीं पता था कि मेरा बेटा चला जाएगा और कभी वापस नहीं आएगा।”
पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार
असम के जोरहाट वायुसेना स्टेशन पर हुए विमान हादसे में शहीद भारतीय वायुसेना के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार (25) का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ गयाजी में किया गया। वे जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड के बनवरिया गांव के रहने वाले थे।अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग शामिल हुए और हर आंख नम नजर आई। देश की सेवा में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। शहीद शुभम कुमार को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। (Indian Air Force AN-32 Plane Crash)
बिहार के गांव में शोक की लहर
बिहार के जहानाबाद जिले के बावरिया गांव में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार की विमान दुर्घटना में मृत्यु की खबर सामने आई। उनके पार्थिव शरीर के आगमन पर सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक नेताओं और गांववासियों ने परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की। हुलासगंज ब्लॉक के बावरिया गांव के निवासी कुमार अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे।
परिजनों ने उनके असामयिक निधन पर शोक व्यक्त किया, वहीं ग्रामीणों ने उन्हें एक समर्पित अधिकारी के रूप में याद किया, जिन्होंने सम्मानपूर्वक देश की सेवा की। उनकी मां ने पहले बताया था कि कुमार अपनी दादी के निधन के बाद 5 मई को गांव गए थे और परिवार के साथ समय बिताने के बाद काम पर लौट आए थे। उन्होंने यह भी बताया कि त्रासदी घटने से पहले उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। (Indian Air Force AN-32 Plane Crash)
5 जवान शहीद, सह-पायलट घायल
भारतीय वायु सेना (IAF) ने असम के जोरहाट वायुसेना स्टेशन पर 13 जून को हुए एएन-32 परिवहन विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले पांच कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने कर्तव्य की बलिवेदी पर सर्वोच्च बलिदान दिया।

यह दुर्घटना 13 जून को नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के समय हुई। रनवे पर उतरते समय विमान में आग लग गई थी। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में विमान में सवार पांच कर्मियों की मृत्यु हो गई। वहीं, विमान के सह-पायलट सुरक्षित बच गए थे और वायुसेना के चिकित्सा केंद्र में उनका इलाज चल रहा है। भारतीय वायुसेना ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ (जांच) के आदेश दिए हैं। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार और अग्निवीरवायु दानिश आलम के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक शहरों- देहरादून, गया और भोजपुर ले जाया गया है। (Indian Air Force AN-32 Plane Crash)









