Delhi: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठित अपराध नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस नेटवर्क पर अवैध हथियार, कारतूस और नशीले पदार्थों की सप्लाई दिल्ली-एनसीआर में करने का आरोप है। पुलिस ने हथियार, कारतूस और वाहन बरामद किए हैं। आरोप है कि इस मॉड्यूल को पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर से आतंकवादी बने शाहजाद भट्टी और अजमल गुर्जर द्वारा चलाया जा रहा था, जिनके बारे में माना जाता है कि वे पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के संरक्षण में काम कर रहे थे।
Delhi: गाजियाबाद और पंजाब के आरोपी गिरफ्तार, पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पंजाब सीमा के पास ड्रोन के जरिए भारत में तस्करी करके लाए गए अवैध हथियारों, गोला-बारूद और मादक पदार्थों की खरीद और वितरण में शामिल थे, जिन्हें बाद में दिल्ली -एनसीआर में पहुंचाया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनस त्यागी, मोहित उर्फ योगी, दीपक अग्रोला, आरिफ उर्फ प्रधान, जतन और साबिर के रूप में हुई है – ये सभी गाजियाबाद के निवासी हैं और करणवीर सिंह पंजाब का निवासी है। अधिकारियों के अनुसार, इनकी आयु 26 से 38 वर्ष के बीच है और इनका आपराधिक रिकॉर्ड है, जिसमें हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती और शस्त्र अधिनियम तथा एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराध शामिल हैं।
5 पिस्तौल, 41 कारतूस और 7 मोबाइल फोन बरामद
ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने पांच अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, 41 जिंदा कारतूस, भट्टी और गुर्जर से जुड़े आपत्तिजनक चैट और वॉयस नोट वाले सात मोबाइल फोन और एक एसयूवी बरामद की। जांचकर्ताओं ने कई बैंक खातों का विवरण भी जब्त किया, जिनका इस्तेमाल नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की बिक्री से प्राप्त धनराशि को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। (Delhi)
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार, मई में मिली खुफिया जानकारी से संकेत मिला था कि भट्टी और गुर्जर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भर्ती किए गए युवाओं को त्वरित धन और एक आकर्षक आपराधिक जीवन शैली का लालच देकर दिल्ली-एनसीआर में हमले करने की साजिश रच रहे थे। खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने मोहित उर्फ योगी को गिरफ्तार किया, जिसके पास से कथित तौर पर अवैध हथियार और पाकिस्तान स्थित संचालकों के साथ संपर्क के सबूत बरामद किए गए।
दिल्ली-एनसीआर में रेकी कर भेजी जा रही थीं लोकेशन और वीडियो
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस मॉड्यूल के सदस्यों ने दिल्ली-एनसीआर के कई महत्वपूर्ण स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी की थी। आरोप है कि इन स्थानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान स्थित संचालकों को भेजे जा रहे थे। पुलिस ने बताया कि समय पर की गई कार्रवाई से राष्ट्रीय राजधानी में कई नियोजित आतंकी हमलों को नाकाम करने में मदद मिली। जांचकर्ताओं ने आगे खुलासा किया कि आरोपियों ने कथित तौर पर पाकिस्तान से पंजाब में ड्रोन द्वारा गिराए गए हथियारों और मादक पदार्थों की खेप एकत्र की और उन्हें दिल्ली-एनसीआर ले गए। (Delhi)
दिल्ली पुलिस ने बताया कि फरार संदिग्धों, हथियार आपूर्तिकर्ताओं और नेटवर्क को वित्तपोषण करने वालों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने कहा कि आगे की जांच चल रही है और आने वाले दिनों में कई खुलासे होने की उम्मीद है।









