TMC और शिवसेना UBT के बाद अब सपा में टूट! राजभर का सनसनीखेज दावा- महाराष्ट्र-बंगाल को भूलिए, अब सपा में होगा बड़ा खेल Shiv Sena UBT Crisis: शिवसेना (UBT) में फूट की अटकलों के बीच संजय राउत का बागी सांसदों को अल्टीमेटम, बोले- जाना है तो पहले इस्तीफा दो… NEET-UG पुनर्परीक्षा के अभ्यर्थियों को बस किराए में 50% छूट, योग दिवस व मुहर्रम को लेकर भी CM योगी ने जारी किए अहम निर्देश नितिन नबीन का नए सरकारी आवास में गृह प्रवेश 17 जून को तय, BJP-एनडीए नेताओं के साथ होगा समारोह Delhi: स्पेशल सेल की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली में पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़; सात आरोपी गिरफ्तार ‘अगर नौकरी होती तो थप्पड़ नहीं मारता, बेरोजगारी ने युवाओं को हिंसा की राह पर धकेला’; जयपुर थप्पड़कांड पर अभिजीत दिपके का बड़ा बयान
TMC और शिवसेना UBT के बाद अब सपा में टूट! राजभर का सनसनीखेज दावा- महाराष्ट्र-बंगाल को भूलिए, अब सपा में होगा बड़ा खेल Shiv Sena UBT Crisis: शिवसेना (UBT) में फूट की अटकलों के बीच संजय राउत का बागी सांसदों को अल्टीमेटम, बोले- जाना है तो पहले इस्तीफा दो… NEET-UG पुनर्परीक्षा के अभ्यर्थियों को बस किराए में 50% छूट, योग दिवस व मुहर्रम को लेकर भी CM योगी ने जारी किए अहम निर्देश नितिन नबीन का नए सरकारी आवास में गृह प्रवेश 17 जून को तय, BJP-एनडीए नेताओं के साथ होगा समारोह Delhi: स्पेशल सेल की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली में पाकिस्तान समर्थित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़; सात आरोपी गिरफ्तार ‘अगर नौकरी होती तो थप्पड़ नहीं मारता, बेरोजगारी ने युवाओं को हिंसा की राह पर धकेला’; जयपुर थप्पड़कांड पर अभिजीत दिपके का बड़ा बयान

Shiv Sena UBT Crisis: शिवसेना (UBT) में फूट की अटकलों के बीच संजय राउत का बागी सांसदों को अल्टीमेटम, बोले- जाना है तो पहले इस्तीफा दो…

Shiv Sena UBT Crisis

Shiv Sena UBT Crisis: शिवसेना (UBT) में संभावित फूट की अटकलों के बीच, पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बुधवार को बागी सदस्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, उन्हें पहले अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए और जनता का फिर से सामना करना चाहिए। राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी सांसदों अरविंद सावंत और अनिल देसाई के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राउत ने चेतावनी दी कि महाराष्ट्र की जनता इस विश्वासघाती कृत्य पर चुप नहीं रहेगी।

Shiv Sena UBT Crisis: संजय राउत का बागी सांसदों को संदेश, कहा- इस्तीफा देकर ही छोड़ें पार्टी

राउत ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ‘अगर कोई जाना चाहता है तो वह इस्तीफा देकर जा सकता है। अगर हमारे सांसदों के बारे में ऐसी खबरें आती हैं तो उन्हें इनका खंडन करना चाहिए। इस बार महाराष्ट्र की जनता चुप नहीं रहेगी।’ राज्यसभा सांसद ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने अपने सांसदों की जीत सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास किए और किसी भी सांसद के दल-बदल करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ‘हमारे सांसद, जिनके लिए उद्धव जी और हमने खून-पसीना बहाया, पैसा खर्च किया, उन्हें चुनाव जितवाया। फिर भी अगर ऐसी कोई खबर आती है, तो हम उन्हें नहीं बख्शेंगे।’

‘15 करोड़ की पेशकश’ का दावा, UBT ने दलबदल की अटकलों पर खोला मोर्चा

राउत ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पार्टी में फूट डालने के प्रयास में सांसदों को पैसे की पेशकश की गई थी। उन्होंने कहा, ‘मुझे जानकारी मिली है कि सांसदों को 15 करोड़ रुपये प्रति व्यक्ति दिए गए, जिसके बाद वे नांदेड़ और पुणे समेत तीन जगहों से चार्टर फ्लाइट से रवाना हुए। हमने कल होने वाली संसदीय दल की बैठक के लिए व्हिप जारी कर दिया है। अरविंद जी ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है।’

अनिल देसाई का दावा- सांसदों ने पार्टी के साथ रहने का दिया भरोसा

संजय राउत के बगल में बैठे शिवसेना (UBT) सांसद अनिल देसाई ने कहा कि पार्टी ने अपने सांसदों से बात की है, जिन्होंने नेतृत्व को आश्वासन दिया है कि वे संगठन के साथ बने रहेंगे। दलबदल की अफवाहों के स्रोत पर सवाल उठाते हुए देसाई ने पूछा कि सांसदों को कौन भगा रहा है और आरोप लगाया कि संभावित विलय प्रक्रिया को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस मामले पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है और पुष्टि की है कि यूबीटी संसदीय दल की बैठक कल सुबह 11 बजे संसद स्थित पार्टी कार्यालय में निर्धारित है।

अरविंद सावंत ने दलबदल की अफवाहों को किया खारिज

शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने उन खबरों पर सवाल उठाया, जिनमें दावा किया गया था कि कई सांसद दल-बदल करने वाले हैं। उन्होंने तर्क दिया कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत केवल किसी दल का विलय ही मान्य है, गुट का नहीं। सावंत ने कहा कि पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या किसी सांसद ने अध्यक्ष के समक्ष औपचारिक रूप से दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने पूछा सवाल किया, “मीडिया जिन चार-छह लोगों की बात कर रही है, वे कौन हैं?।” तृणमूल कांग्रेस में हाल ही में हुए घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए सावंत ने कहा कि इन घटनाओं से पता चलता है कि अधिकांश अटकलें निराधार हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “व्यक्ति विलय नहीं करते, पार्टियां करती हैं। इस देश में संविधान का उल्लंघन हो रहा है।”

शिवसेना (UBT) में फूट की बढ़ती अटकलों के बीच, पार्टी सांसद अरविंद सावंत ने दलबदल की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी सांसद ने पार्टी नेतृत्व को अपने दल-बदल की योजना के बारे में सूचित नहीं किया है। उन्होंने यूबीटी खेमे पर भरोसा जताते हुए कहा, “अभी तक किसी भी पार्टी नेता ने हमें अपने दल-बदल के बारे में नहीं बताया है।”

दल में फूट की अटकलों के बीच, पार्टी नेता संजय राउत ने घटनाक्रम को ‘ऑपरेशन टाइगर’ बताया और खेमे में एकता का संदेश देने की कोशिश की। राउत ने बताया कि यूबीटी के लोकसभा नेता अरविंद सावंत, मुख्य सचेतक अनिल देसाई और नासिक सांसद राजभाऊ वाजे उनके साथ मौजूद थे। उन्होंने यह भी बताया कि मातोश्री में हुई हालिया बैठक में पांच सांसद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे और बाकी सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े।

‘शपथ लेकर भी विश्वासघात करेंगे तो नहीं छोड़ेंगे’, राउत का बागियों पर हमला

इससे पहले संजय राउत ने बुधवार को कहा कि दलबदल की खबरों के बीच पार्टी कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रही है और घोषणा की कि यूबीटी संसदीय दल की बैठक गुरुवार को सुबह 11 बजे होगी। राउत ने दावा किया कि 14 जून को पार्टी सांसदों की बैठक के दौरान कुछ सांसदों ने साईं बाबा और माता भवानी के नाम पर शपथ लेकर पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा, “अगर वे शपथ लेने के बाद भी अपनी माता – यूबीटी – के साथ विश्वासघात करना चाहते हैं, तो हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे।” राउत ने यह भी कहा कि ये सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के कारण नहीं, बल्कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व और चुनाव प्रचार के बल पर चुने गए हैं।

ये टिप्पणियां महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) के भीतर संभावित विभाजन की खबरों को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों के बीच आई हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से किसी भी अलग गुट के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। महाराष्ट्र में इस समय ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा चल रही है, क्योंकि ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि यूबीटी के नौ सांसदों में से सात एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में थे और सत्ताधारी पार्टी में शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं। 2022 में, शिंदे ने कई विधायकों के साथ उद्धव ठाकरे से अलग होकर पार्टी को दो भागों में बांट दिया था।

फूट की अटकलों के बीच कल होगी UBT संसदीय दल की अहम बैठक

शिवसेना (UBT) नेता ने जोर देकर कहा कि सत्तारूढ़ दल द्वारा ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत पार्टी को कमजोर करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ पार्टी राजनीतिक रूप से लड़ती रहेगी। उन्होंने आगे कहा, ‘हम दिल्ली में रहेंगे और इसके खिलाफ लड़ने के लिए दिल्ली में ही डटे रहेंगे। पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा पर जोर देते हुए राउत ने कहा, “शिव सेना (UBT) हमारी मां है, और उन्होंने अपने प्रियजनों की कसम खाई है। अगर वे हमारे साथ ऐसा करेंगे। तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

वहीं, शिवसेना (UBT) के सभी लोकसभा सदस्यों की बैठक 18 जून को सुबह 11:00 बजे दिल्ली स्थित संसदीय दल कार्यालय में होगी। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने कल दिल्ली में अपने संसदीय दल की बैठक बुलाई है, जिसमें चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों और हालिया राजनीतिक पुनर्गठन वार्ता को लेकर चल रही अटकलों के बीच चर्चा के लिए उसके सांसदों को एक साथ लाया जाएगा।


Comments are closed.

और पढ़ें