UP IAS Transfer: उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में 14 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस बड़े प्रशासनिक उलटफेर में कई वरिष्ठ अधिकारियों के प्रभार बदले गए हैं, जिसमें अपर मुख्य सचिवों से लेकर जिलाधिकारियों तक शामिल हैं।
मुख्य सचिव एसपी गोयल के सभी विभाग को अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों में बांट दिया गया है। अब वह बिना विभाग वाले अफसर हो गए हैं। वहीं, दीपक कुमार को कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गईं हैं और पार्थ सारथी सेन शर्मा से स्वास्थ्य विभाग का प्रभार छीन लिया गया है।
मुख्य सचिव एसपी गोयल के पास अभी तक तक अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, अध्यक्ष पिकप, मुख्य कार्यपालक अधिकारी यूपीडा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी उपशा, अपर मुख्य सचिव समन्वय विभाग, उत्तर प्रदेश शासन तथा परियोजना निदेशक, यूपीडास्प के पद थे। अब उनके पास कोई विभाग नहीं है। इनके ज्यादातर विभाग अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार के पास चले गए हैं।
UP IAS Transfer: दीपक कुमार को सौंपी गईं कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां
दीपक कुमार को अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पद से अवमुक्त कर उन्हें अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, अध्यक्ष, पिकप, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीडा, अपर मुख्य सचिव, नागरिक उड्डयन एवं समन्वय विभाग, उत्तर प्रदेश शासन तथा परियोजना निदेशक, यूपीडास्प के पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
पार्थसारथी सेन शर्मा को प्रमुख सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ अब वह प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग भी रहेंगे।
अमित कुमार घोष के पास प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा का प्रभार
मुकेश मेश्राम को प्रमुख सचिव, सचिवालय प्रशासन, पशुपालन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य विभाग का प्रभार सौंप दिया गया है। मुकेश कुमार मेश्राम के पास अभी तक प्रमुख सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग था।
अमृत अभिजात के पास प्रमुख सचिव, नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग था। अब वह प्रमुख सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग का प्रभार संभालेंगे।
संजय प्रसाद को प्रमुख सचिव, नागरिक उड्डयन विभाग के पद से अवमुक्त कर दिया गया है। उनके पास अब प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, प्रोटोकॉल, सूचना एवं जनसंपर्क, गृह, गोपन, वीजा, पासपोर्ट, सतर्कता, नागरिक उड्यन और राज्य संपत्ति पहले की तरह रहेगा।
अजय चौहान के पास प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग के साथ ही मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उपशा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
आलोक कुमार-3 को प्रमुख सचिव, उ०प्र० पुनर्गठन समन्वय, भाषा, राष्ट्रीय एकीकरण एवं सामान्य प्रशासन विभाग तथा निदेशक, हिन्दी संस्थान के पद से अवमुक्त कर उन्हें नोडल अधिकारी, जीरो पॉवर्टी उत्तर प्रदेश अभियान का प्रभार दिया गया है।
पी गुरूप्रसाद को प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग के पद से अवमुक्त कर उन्हें प्रमुख सचिव, नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग का प्रभार दिया गया है।
मनीष चौहान को प्रमुख सचिव केल एवं युवा कल्याण विभाग से अब प्रमुख सचिव, सचिवालय प्रशासन, उ०प्र० पुनर्गठन समन्वय, भाषा, राष्ट्रीय एकीकरण एवं सामान्य प्रशासन विभाग तथा निदेशक, हिन्दी संस्थान, उत्तर प्रदेश का प्रभार दिया गया है।
रणवीर प्रसाद को खाद्य एवं रसद और उपभोक्ता मामलों के साथ ही प्रमुख सचिव राजस्व विभाग का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
श्रीमती अनामिका सिंह को खाद्य एवं रसद का आयुक्त बनाया गया है।
भूपेंद्र एस चौधरी को बरेली का मंडलायुक्त बनाया गया है। उनके पास अभी तक आयुक्त खाद्य एवं रसद का पद था।


यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य के विकास एजेंडे, विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, कृषि और वित्त के लिए महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों को सशक्त बनाकर शासन को सुव्यवस्थित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चल रहे प्रयासों को दर्शाता है।









