Delhi Govt schools: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में तीन नए पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। 18 सितंबर गुरुवार को भारत मंडपम में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन तीन पाठ्यक्रमों को लॉन्च किया।
स्कूली छात्रों के लिए इस पाठ्यक्रम को लांच करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ उद्यमिता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और नागरिक उत्तरदायित्व के कौशल प्रदान करना है। इन पाठ्यक्रमों को दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने विकसित किया है।

ये पाठ्यक्रम हैं-
- नीव (नव उद्यम और उद्यमिता विकास योजना): इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देना है, जिससे वे न केवल नौकरी तलाशने वाले बनें बल्कि नौकरी देने वाले भी बन सकें। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई भी शामिल है।
- जीवन का विज्ञान (साइंस ऑफ लिविंग): यह पाठ्यक्रम छात्रों के व्यक्तित्व विकास पर केंद्रित है, जिसमें आत्मविश्वास, जीवन कौशल और समाज में सकारात्मक योगदान देने की क्षमता विकसित की जाएगी।
- राष्ट्रनीति: इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में जिम्मेदार और सभ्य नागरिक बनने की भावना विकसित करना है, जिससे वे समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी नागरिक बन सकें।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूल (Delhi Govt schools) कहीं भी प्राइवेट स्कूलों से पीछे नहीं रहेंगे। वे उत्कृष्ट काम करेंगे, बेहतर बच्चे तैयार करेंगे और भविष्य का निर्माण करेंगे। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे इस शिक्षा अभियान को एक आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएं, ताकि दिल्ली के सरकारी स्कूल निजी संस्थानों से पीछे न रहकर उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करें।

Delhi Govt schools: कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री समेत कई गणमान्य मौजूद
इन पाठ्यक्रमों का शुभारंभ करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, सम्बंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य मौजूद थे। इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि हर बच्चा केवल एक छात्र नहीं, बल्कि भावी प्रधानमंत्री, वैज्ञानिक, उद्यमी, न्यायाधीश, सैनिक, कलाकार, शिक्षक और नेता हैं। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र की ताकत उसकी इमारतों या सेना में नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के चरित्र, मूल्य और जिम्मेदारी की भावना में निहित है।
शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जीवन कौशल, गुड टच-बैड टच, मोबाइल और ट्रैफिक का जिम्मेदार उपयोग और सिविक सेंस जैसी शिक्षा भी दी जानी चाहिए।









