हिमाचल में मानसून का कहर: 145 सड़कें बंद, 508 ट्रांसफॉर्मर खराब; 66 लोगों की मौत, कई इलाकों में संपर्क टूटा मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC बिल पास, भारी हंगामे के बीच ध्वनि मत से मिली मंजूरी; CM मोहन यादव ने बताया ‘स्वर्णिम अध्याय’ दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर मेदांता शिफ्ट हुए सोनम वांगचुक, स्वास्थ्य पर डॉक्टरों की कड़ी निगरानी NEET विवाद पर संसद से सड़क तक बवाल, PM आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन; राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में UP Politics: ‘सपा पार्टी है या गैंग?’… सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का नाम लेकर ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर हमला कांवड़ यात्रा: आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का महापर्व
हिमाचल में मानसून का कहर: 145 सड़कें बंद, 508 ट्रांसफॉर्मर खराब; 66 लोगों की मौत, कई इलाकों में संपर्क टूटा मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC बिल पास, भारी हंगामे के बीच ध्वनि मत से मिली मंजूरी; CM मोहन यादव ने बताया ‘स्वर्णिम अध्याय’ दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर मेदांता शिफ्ट हुए सोनम वांगचुक, स्वास्थ्य पर डॉक्टरों की कड़ी निगरानी NEET विवाद पर संसद से सड़क तक बवाल, PM आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन; राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में UP Politics: ‘सपा पार्टी है या गैंग?’… सांसद दरोगा प्रसाद सरोज का नाम लेकर ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर हमला कांवड़ यात्रा: आस्था, सेवा और सामाजिक समरसता का महापर्व

CJP Protest Updates: दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला, सोनम वांगचुक मेदांता होंगे शिफ्ट; घायलों से मिले राहुल-प्रियंका

CJP Protest Live Updates

देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर देश की सियासत और जन-आंदोलन का मुख्य केंद्र बन चुका है. सोमवार को संसद मार्च के दौरान हुए भारी हंगामे, पुलिस लाठीचार्ज और झड़पों के बाद दिल्ली पुलिस ने भले ही प्रदर्शन स्थल को खाली करवा लिया था, लेकिन देर रात CJP Protest Live Updates 2026 के तहत सैकड़ों छात्र और आंदोलनकारी दोबारा जंतर-मंतर पर डट गए. इसी बीच, पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के इलाज को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट से एक बेहद अहम फैसला आया है, जिसने इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा विधिक मोड़ ला दिया है.

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया कि अब सरकार के साथ बंद कमरों में कोई वार्ता नहीं होगी. उन्होंने कहा कि जिसे भी आंदोलनकारियों से संवाद करना है, उसे जंतर-मंतर के खुले मंच पर ही आना होगा. वहीं दूसरी तरफ, संसद मार्ग पर घायल हुए छात्रों और प्रदर्शनकारियों का हालचाल जानने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी अस्पताल पहुंचे, जिससे इस मुद्दे पर राजनीतिक सरगर्मी और ज्यादा तेज हो गई है.

सफदरजंग में नजरबंदी का आरोप और CJP Protest Live Updates 2026 के बीच हाईकोर्ट का आदेश

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से उनकी पसंद के मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है. मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार और डॉक्टरों के बीच इस बात पर सहमति है कि वांगचुक को लगातार चिकित्सा निगरानी की सख्त जरूरत है. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में स्पष्ट किया कि केंद्र को उन्हें मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने पर कोई आपत्ति नहीं है.

इससे पहले, सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कोर्ट का आभार व्यक्त करते हुए मीडिया के सामने गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक भारत में हर नागरिक को अपनी पसंद का अस्पताल और डॉक्टर चुनने का संवैधानिक अधिकार है. डॉ. आंग्मो के मुताबिक, सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक को एक तरह से नजरबंद करके रखा गया था, ताकि बाहरी लोग और मीडिया उनसे संपर्क न कर सकें. उन्होंने बताया कि 20 दिनों से इलाज कर रहे डॉक्टरों तक को मरीज से मिलने नहीं दिया जा रहा था.

जंतर-मंतर पर दोबारा कब्जा और CJP Protest Live Updates 2026 का राजनीतिक माहौल

सोमवार को पुलिस द्वारा स्टेज और टेंट हटाए जाने के बावजूद सीजेपी समर्थकों ने देर रात जंतर-मंतर पर फिर से अपना कब्जा जमा लिया. अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस की बर्बर कार्रवाई और वाटर कैनन के इस्तेमाल के कारण कई छात्र और छात्राएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं. इनमें से कुछ को राम मनोहर लोहिया (RML) और एम्स (AIIMS) अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है.

घायलों का हाल जानने पहुंचे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार की इस पुलिस कार्रवाई की तीखी आलोचना की. विपक्षी नेताओं का कहना है कि अपनी न्यायसंगत मांगों को लेकर शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे छात्रों पर लाठियां चलाना और आंसू गैस के गोले छोड़ना अलोकतांत्रिक है. विपक्ष ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट (NEET) परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधार की मांग को जोर-शोर से उठाया है.

सोनम वांगचुक का अनशन जारी: छात्रों से एकजुटता और मेदांता में मेडिकल मॉनिटरिंग

अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ने से साफ इनकार कर दिया है. उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो के अनुसार, वांगचुक ने उन छात्रों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है, जिन पर सोमवार के संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया था. हालांकि, हाईकोर्ट के निर्देशानुसार, मेदांता अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों का एक विशेष पैनल उनकी सेहत की 24 घंटे लगातार निगरानी करेगा.

कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सफदरजंग अस्पताल की सभी पैथोलॉजिकल रिपोर्ट और मेडिकल रिकॉर्ड्स तुरंत मेदांता की मेडिकल टीम को सौंप दिए जाएं. केंद्र सरकार की शर्त के मुताबिक, वांगचुक को मेदांता के डॉक्टरों की लिखित अनुमति और सलाह के बिना डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा. इस कानूनी फैसले के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों का मनोबल और बढ़ गया है, जिससे आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक आक्रामक रूप ले सकता है.

21 जुलाई 2026 का यह घटनाक्रम भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक बेहद महत्वपूर्ण बिंदु बन गया है. CJP Protest Live Updates 2026 की यह पूरी रिपोर्ट यह दर्शाती है कि प्रशासनिक पाबंदियों और बल प्रयोग के बावजूद छात्र और नागरिक अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अडिग हैं. दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले ने न केवल एक नागरिक की शारीरिक स्वायत्तता और चिकित्सा पसंद के अधिकार को सुरक्षित रखा है, बल्कि केंद्र सरकार को भी बैकफुट पर ला खड़ा किया है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार जंतर-मंतर के इस गतिरोध को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाती है.

Comments are closed.

और पढ़ें