Haldwani Shuddhikaran Row: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच के कथित ‘शुद्धीकरण’ को लेकर गुरुवार को राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ। विपक्ष के नेता खड़गे ने इसे दलित समाज का अपमान और छुआछूत की मानसिकता बताया, जबकि सदन के नेता जेपी नड्डा ने इस घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
Haldwani Shuddhikaran Row: खड़गे की रैली के बाद मंच पर हुआ हवन
8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘विजय शंखनाद रैली’ हुई थी, जिसे मल्लिकार्जुन खड़गे ने संबोधित किया था। खड़गे के जाने के बाद 9 अगस्त को एक हिंदूवादी संगठन (श्री राम सेना) ने उस मंच पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ कर मैदान का ‘शुद्धीकरण’ किया। खड़गे ने राज्यसभा में भावुक होते हुए कहा, “मैं अनुसूचित जाति (SC) से आता हूं और दलित हूं। मेरे भाषण के बाद मंच को शुद्ध करने के लिए हवन किया गया, जो मेरा अपमान है।”
खड़गे का आरोप- भाजपा से जुड़े लोगों ने कराया मंच का ‘शुद्धीकरण’
उन्होंने आगे कहा, “मुझे यह कहते हुए दुख होता है कि मैंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भाषण दिया, जहां लाखों लोग मौजूद थे। मैंने वहां किसी भी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया। मैंने केवल लोगों की समस्याओं के बारे में बात की। लेकिन मेरे भाषण के बाद, भाजपा से जुड़े लोगों ने उस मंच का ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान किया।आपने इसके बारे में अखबारों में पढ़ा होगा। क्या लोकतंत्र में ऐसा होना चाहिए? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं?” कांग्रेस ने इसे भाजपा की दलित विरोधी और संकीर्ण मानसिकता का प्रतीक बताते हुए दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। (Haldwani Shuddhikaran Row)
नड्डा ने ‘शुद्धीकरण’ की घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, कहा- जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जेपी नड्डा ने इस घटना को अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस का नहीं बल्कि पूरे समाज का अपमान है। नड्डा ने साफ कहा कि भाजपा इस तरह की किसी भी भेदभावपूर्ण गतिविधि का समर्थन नहीं करती है। उन्होंने सदन को भरोसा दिया कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और दोषियों को सजा मिलेगी। भाजपा ने साफ किया कि रामलीला मैदान में हुआ यह हवन पार्टी का कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं था और इसमें उनके कार्यकर्ता शामिल नहीं थे।
खड़गे बोले- इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता…
इसी बीच, सांसद खड़गे ने एक बार फिर खड़े होकर कहा कि वह इस घटना को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहते। उन्होंने कहा, “मैं इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता। मैं कई वर्षों से इस सदन में हूं, लेकिन मैंने कभी किसी के सामने खड़े होकर यह कहकर मदद की गुहार नहीं लगाई कि मैं अनुसूचित जाति या दलित हूं।मुझमें लड़ने की ताकत है और मैं लड़ता हूं। लेकिन जब आप मेरे खिलाफ छुआछूत का अभ्यास करते हैं, तो आप मेरा अपमान और तिरस्कार करते हैं।” (Haldwani Shuddhikaran Row)
सभापति बोले- हम सभी पहले से ‘शुद्ध’ हैं, छुआछूत की कोई जगह नहीं
जेपी नड्डा फिर खड़े हुए और दोहराया कि भाजपा इस तरह की गतिविधियों का समर्थन नहीं करती है। राज्यसभा को संबोधित करते हुए अध्यक्ष सीपी राधाकृष्णन ने जोर देकर कहा कि सभी सदस्य अस्पृश्यता की निंदा करते हैं। उन्होंने कहा, “हम सभी इसकी निंदा करते हैं, चाहे हम किसी भी दल या विचारधारा के हों। हम सभी छुआछूत की निंदा करते हैं, और हम सभी पहले से ही ‘शुद्ध’ हैं। हमें बार-बार शुद्ध करने की कोई आवश्यकता नहीं है।”
अध्यक्ष ने सरकार से आरोपों की जांच करने का भी अनुरोध किया और कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपियों को दंडित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं सरकार से यह भी अनुरोध करता हूं कि इस अपराध को अंजाम देने वालों की जांच की जाए, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और दंडित किया जाए। इस मामले में कोई दूसरा मत नहीं है।” (Haldwani Shuddhikaran Row)
हिंदूवादी संगठनों और स्थानीय भाजपा नेताओं का तर्क
अनुष्ठान करने वाले संगठन और स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि यह शुद्धीकरण खड़गे की जाति की वजह से नहीं किया गया। उनका आरोप है कि रैली के दौरान मंच से कुछ ऐसे नारे और बयानबाजी हुई थी, जिससे सनातन संस्कृति की पवित्रता प्रभावित हुई, जिसके विरोध स्वरूप वहां हवन-पूजन किया गया था। इस गंभीर मुद्दे पर राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आधुनिक भारत में छुआछूत और भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है और इसकी हर स्तर पर निंदा होनी चाहिए। नैनीताल पुलिस और स्थानीय प्रशासन को भी इस मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं। (Haldwani Shuddhikaran Row)









