राम जन्मभूमि दान मामले में SIT की जांच पूरी, ट्रस्ट को सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट; चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान की चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में उत्तर प्रदेश गृह विभाग ने विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए सौंप दी है। इस 3-सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 13 जून को किया गया था।

इस टीम की अध्यक्षता लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे थे, जबकि आईजी रेंज किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार इसके सदस्य थे। यह रिपोर्ट उस मूल एसआईटी द्वारा तैयार की गई है, जिसने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के किसी भी तरह के हस्तक्षेप या नई एसआईटी से पहले ही अपनी जांच पूरी कर ली थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में घिरे ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा को एसआईटी की इस अंतिम रिपोर्ट में क्लीन चिट मिल गई है।

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावे की जांच के लिए नई SIT गठित

दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) का पुनर्गठन किया है और जांच में तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों को शामिल किया है। नवगठित SIT की अध्यक्षता आईजी किरण एस कर रही हैं, जिसमें डीआईजी अयोध्या सोमेन वर्मा और एसएसपी अयोध्या डॉ. गौरव ग्रोवर भी शामिल हैं। इससे पहले की एसआईटी में लखनऊ आयुक्त विजय विश्वास पंत और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

राम मंदिर दान मामले में 25 जून को FIR, आठ लोगों समेत अज्ञात पर केस

SIT की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर, 25 जून को पहली FIR दर्ज की गई, जिसमें आठ लोगों और कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्री राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में दर्ज इस FIR (क्राइम नंबर 90/2026) में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, राम शंकर यादव उर्फ ​​टिन्नू और अन्य अज्ञात लोगों के नाम शामिल थे। आरोपियों के खिलाफ IPC की धाराओं 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) और PC एक्ट की धारा 13(1)(a) के तहत मामला दर्ज किया गया। (Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case)

SIT जांच की स्टेटस रिपोर्ट साझा करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

इस बीच, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा प्राप्त दान की कथित वित्तीय अनियमितताओं और गबन की SIT की जांच पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत स्थिति रिपोर्ट को इस स्तर पर याचिकाकर्ताओं या अन्य व्यक्तियों के साथ साझा नहीं किया जा सकता है। हालांकि, न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं और अन्य जनहितैषी व्यक्तियों को जांच के संबंध में सॉलिसिटर जनरल के कार्यालय में सुझाव प्रस्तुत करने की अनुमति दी, जो उन्हें विचार के लिए एसआईटी के समक्ष रखेगा।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने नवगठित एसआईटी को अगली सुनवाई की तारीख पर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कथित करोड़ों रुपये के दान घोटाले में मंदिर के कर्मचारियों और बैंक कर्मचारियों द्वारा दान की गई धनराशि की सुनियोजित चोरी के आरोप शामिल हैं। इस मामले के चलते विपक्ष ने उच्च स्तरीय जवाबदेही की मांग भी उठाई है। (Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case)

दान मामले पर सियासी घमासान तेज, जवाबदेही की मांग के बीच जांच जारी

इन कथित अनियमितताओं ने एक व्यापक राजनीतिक टकराव को जन्म दिया है, और यह मुद्दा सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्ष के बीच विवाद का विषय बन गया है। कथित गबन की जांच जारी है, जबकि जवाबदेही को लेकर राजनीतिक विवाद और बहस की मांग तेज हो गई है। मामले की जांच जारी है और दान राशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। (Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case)


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Author: Vaishali

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