Sardar Vallabhbhai Patel 151st Birth Anniversary: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दौड़ 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री, बड़ी संख्या में युवा और सुरक्षा बलों के जवान शामिल हुए।
हर साल की तरह इस साल भी 31 अक्टूबर को पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन सरदार वल्लभभाई पटेल की याद में मनाया जाता है। उन्होंने आजादी के बाद देश की अलग-अलग रियासतों को जोड़कर भारत को एक बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। यह दिन हमें देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संदेश देता है। इस साल भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एकता दौड़ का नेतृत्व किया। सुबह हजारों लोग देशभक्ति के नारों और उत्साह के साथ इस दौड़ में शामिल हुए। सभी ने देश की एकता और भाईचारे का संदेश दिया।

562 रियासतें और 1,218 दिनों का संघर्ष
मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में ‘रन फॉर यूनिटी’ इवेंट को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पद संभालने के बाद से सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को नेशनल यूनिटी डे के तौर पर मनाया जाता है। (Sardar Vallabhbhai Patel 151st Birth Anniversary)
शाह ने कहा, “जब हमें आज़ादी मिली, तो दुनिया भर के पॉलिटिकल पंडितों ने भविष्यवाणी की थी कि भारत टूट जाएगा। फिर भी, आज़ादी के बाद 1,218 दिनों में, सरदार पटेल ने वह कर दिखाया जिसे सब नामुमकिन मानते थे। यह एक ऐसा काम था जो शायद नेताओं का एक ग्रुप मिलकर पूरी ज़िंदगी में भी नहीं कर पाता; सिर्फ़ 1,218 दिनों में, सरदार पटेल ने एक भारत बनाया। सरदार पटेल ने जिस भारत की कल्पना की थी और जिसे बनाया था, वह आज दुनिया के सामने गर्व के साथ खड़ा है।”
पटेल ने भारत को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई
शाह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने केवल रियासतों को भारत में मिलाने का काम ही नहीं किया, बल्कि देश की राजनीतिक और भौगोलिक सीमाओं को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने में बड़ा योगदान दिया।
उन्होंने कहा, “हम सब जानते हैं कि जब से PM मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, हम सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के तौर पर मना रहे हैं। वह एक महान शख्सियत थे, जिन्होंने न सिर्फ़ देश का इतिहास बदला बल्कि इसकी ज्योग्राफी को भी आकार दिया। कई रियासतों को एक करने का मुश्किल काम करके, उन्हें एक धागे में मोतियों की तरह पिरोकर, सरदार साहब ‘अखंड भारत’ के नक्शे के आर्किटेक्ट बने, जैसा कि हम आज देखते हैं।” (Sardar Vallabhbhai Patel 151st Birth Anniversary)
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “उन्होंने सिर्फ़ भारत के ज्योग्राफिकल, पॉलिटिकल और कल्चरल इंटीग्रेशन की सफल कोशिशें ही नहीं कीं, बल्कि उन्होंने इन चीज़ों को असरदार तरीके से एक साथ लाया, और देश को एक साथ जोड़ा।”
अनुच्छेद 370 का खात्मा और पटेल के सपनों का भारत
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में वर्तमान सरकार के बड़े कदमों को सरदार पटेल के अधूरे सपनों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म कर कश्मीर को पूरी तरह से भारत का अभिन्न हिस्सा बनाया और इस तरह सरदार पटेल के अधूरे संकल्प को पूरा किया। उन्होंने देशवासियों को याद दिलाया कि 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता संभाली, तब से हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की गई ताकि आने वाली पीढ़ियां देश के इस महान सपूत के योगदान को कभी न भूलें।
2029 तक नशा-मुक्त और विकसित भारत की शपथ
इस बार राष्ट्रीय एकता दिवस पर देश की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया। अमित शाह ने स्टेडियम में मौजूद लोगों और देशवासियों से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह नशा-मुक्त बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को पूरा करने के लिए सबसे पहले देश को नशा-मुक्त बनाना जरूरी है। इस मौके पर अमित शाह ने सभी लोगों को देश की एकता और अखंडता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई। (Sardar Vallabhbhai Patel 151st Birth Anniversary)
शाह ने कहा, “इस साल 31 मार्च को, देश नक्सलवाद के साये से आगे निकल गया है और अब नशा-मुक्त देश बनने की ओर बढ़ रहा है। आज, सरदार पटेल की जयंती पर, मैं पूरे देश के लोगों से हमारे तय किए गए लक्ष्य के बारे में अपील करता हूं; 31 दिसंबर, 2029 तक देश को पूरी तरह से नशे से मुक्त करना। प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के सपने की शुरुआत ‘नशा-मुक्त भारत’ बनाने से होती है।”
उन्होंने आगे कहा, “PM मोदी के कार्यकाल में कई ज़रूरी फ़ैसले लिए गए हैं और बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं, जैसे कि Article 370 को हटाना, जिससे कश्मीर भारत के साथ मज़बूती से जुड़ गया… नक्सलवाद का खात्मा; और एक यूनिफ़ाइड टैक्स सिस्टम (‘वन नेशन, वन टैक्स’) लागू करना। जबकि ऐसे कई ज़रूरी काम पूरे हुए हैं, ड्रग-फ़्री भारत बनाना सबसे बड़ी कामयाबी होगी, जो युवाओं और हमारे देश के भविष्य के लिए बहुत ज़रूरी है।”
गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति
मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। इस एकता दौड़ में सीआरपीएफ (CRPF) के 1,650 से अधिक अधिकारियों और जवानों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। उन्होंने देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा करने का अपना संकल्प दोहराया।
इस कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह के साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और डॉ. मनसुख मांडविया, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार भी मौजूद रहे। इसके अलावा सांसद बांसुरी स्वराज, प्रवेश साहिब सिंह और मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई बड़े नेता भी शामिल हुए। सभी ने मिलकर देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया। (Sardar Vallabhbhai Patel 151st Birth Anniversary)

दौड़ केवल शारीरिक नहीं, वैचारिक है
‘रन फॉर यूनिटी’ केवल एक दौड़ नहीं है, बल्कि यह देश के लोगों को एकता का संदेश देने का एक माध्यम है। यह दौड़ बताती है कि भारत की अलग-अलग भाषाएं, धर्म और संस्कृतियां ही हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से किबिथू तक पूरा देश एकता के सूत्र में बंधा हुआ है। सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी अपने जीवन में देश को एकजुट करने का प्रयास किया था। इस आयोजन ने एक बार फिर संदेश दिया कि जब देश के सभी लोग मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना पूरा करना आसान हो जाता है।

इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी 151वीं जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की। (Sardar Vallabhbhai Patel 151st Birth Anniversary)









