Amit Shah Lucknow Visit: 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने एक बड़ा और तीखा राजनीतिक बयान दिया। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विपक्षी दलों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, “यूपी में बीजेपी सरकार अंगद का पैर है, उसे कोई नहीं हटा सकता है।”
अमित शाह का यह उत्तर प्रदेश दौरा न केवल राज्य की राजनीति बल्कि आगामी चुनावी रणनीतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में उत्तर प्रदेश के करीब 2,850 प्रतिनिधियों और शीर्ष नेताओं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की मौजूदगी में शाह ने 2027 के महामुकाबले के लिए पार्टी का रोडमैप शेयर किया।
Amit Shah Lucknow Visit: ‘अंगद के पैर’ से विपक्ष को अमित शाह का संदेश
बता दें, रामायण में ‘अंगद का पैर’ अडिगता, अटूट शक्ति और अजेयता का प्रतीक माना जाता है, जिसे रावण की लंका का कोई भी योद्धा टस से मस नहीं कर पाया था। अमित शाह ने इसी उपमा का उपयोग कर विपक्षी दलों खासतौर से समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को एक कड़ा और साफ संदेश दिया है। शाह का मानना है कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का संगठनात्मक ढांचा और उसकी जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि किसी भी विपक्षी गठबंधन के लिए सरकार को हिला पाना असंभव है। शाह ने कार्यकर्ताओं को ‘अर्जुन की तरह मछली की आंख पर नजर रखने’ और तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत से जुट जाने का विजन दिया।

शाह ने कहा, “दिल्ली के गलियारों में, बहुत सारे अंदाज़े लगाए जा रहे हैं…वे पूछते रहते हैं, क्या होगा? जब वे मुझसे मिलते हैं, तो मैं उन्हें यह कहकर चिढ़ाता हूं, पंजाब में BJP की सरकार बनेगी। वे जवाब देते हैं, सच में? और क्या होगा? मैं उनसे कहता हूं, उत्तराखंड में BJP की सरकार बनेगी। वे फिर पूछते हैं, और क्या? मैं जवाब देता हूं, आप और क्या जानना चाहते हैं? फिर वे UP के बारे में पूछते हैं। मैं आज आपको जवाब देता हूं, UP में BJP सरकार ‘अंगद के पैर’ की तरह मज़बूती से जमी हुई है कोई इसे हटा नहीं सकता। एक बार फिर, भारतीय जनता पार्टी यहां भारी बहुमत से सरकार बनाने वाली है। हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं को इस बारे में कोई शक नहीं होना चाहिए।” (Amit Shah Lucknow Visit)
राम मंदिर आंदोलन से EVM विवाद तक, विपक्ष पर बरसे अमित शाह
गृह मंत्री का यह संबोधन राजनीतिक रूप से बेहद सोची-समझी क्रोनोलॉजी और इतिहास पर आधारित रहा। शाह ने याद दिलाया कि 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के दौरान राम भक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव को घेरते हुए उन्होंने सवाल किया, “आप किस मुंह से उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने की बात करते हैं? आपने राम भक्तों पर गोलियां चलाईं, और हमने भव्य राम मंदिर का निर्माण कर दिया। जनता आपकी तीसरी पीढ़ी को भी इसके लिए कभी माफ नहीं करेगी।”
शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह के साहसिक फैसले को याद किया, जिन्होंने अपनी सरकार जाने की परवाह किए बिना राम मंदिर आंदोलन के संकल्प को सर्वोपरि रखा। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस अगले 20 सालों तक सत्ता में आने वाले नहीं हैं। संसद सत्र के संदर्भ में विपक्ष के ईवीएम और वोट चोरी के आरोपों की तुलना शाह ने ‘मैच हारने के बाद अंपायर पर दोष मढ़ने’ वाली टीम से की। उन्होंने चुनौती दी कि भाजपा संसद में इस पर चर्चा के लिए तैयार है, चाहे तो विशेष सत्र बुला लिया जाए। (Amit Shah Lucknow Visit)
चुनावी मास्टरस्ट्रोक: तीसरी बार सरकार और UCC का वादा
उत्तर प्रदेश की राजनीति को वैचारिक रूप से और धार देते हुए अमित शाह ने एक बड़ा चुनावी वादा कर दिया है। उन्होंने घोषणा की कि यदि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनती है, तो राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। उत्तराखंड के बाद उत्तर प्रदेश जैसे देश के सबसे बड़े राज्य में UCC लागू करने का यह वादा निश्चित रूप से आगामी चुनावों में ध्रुवीकरण और कोर वोटबैंक को एकजुट करने में एक निर्णायक बिंदु साबित होगा।
कार्यकर्ताओं को माना ‘असली मालिक’
शाह की सांगठनिक रणनीति हमेशा से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को तवज्जो देने की रही है। इस बैठक में भी उन्होंने संगठन के आंतरिक लोकतंत्र और संवाद को मजबूत करते हुए कार्यकर्ताओं को “भगवान और भाजपा का असली मालिक” कहकर संबोधित किया। उन्होंने 2014 के दौर की याद दिलाई जब पार्टी के पास यूपी में बेहद सीमित ताकत (सिर्फ 44 विधायक) थी, लेकिन जब बूथ स्तर पर संगठन मजबूत हुआ तो उसी साल पार्टी ने 73 लोकसभा सीटें जीतीं। इसी तरह 2017 में नोटबंदी के दौर में विपक्ष के भारी विरोध के बावजूद भाजपा ने 312 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया था। शाह ने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि अब उसी शानदार प्रदर्शन को 2027 में दोहराने का वक्त आ चुका है। (Amit Shah Lucknow Visit)
अमित शाह का लखनऊ दौरा: 3 घंटे में 2027 चुनाव का रोडमैप तैयार
केंद्रीय मंत्री अमित शाह का यह लखनऊ दौरा उत्तर प्रदेश की सियासत के लिहाज से बेहद खास और निर्णायक रहा। भले ही उनका यह दौरा केवल 3 घंटे 15 मिनट का था, लेकिन भाजपा के मुख्य रणनीतिकार और ‘चाणक्य’ माने जाने वाले अमित शाह ने इतने कम समय में ही यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए पार्टी का पूरा रोडमैप तैयार कर दिया।

2027 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद
इस दौरे का सबसे बड़ा और मुख्य एजेंडा 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देना था। उत्तर प्रदेश को दिल्ली की सत्ता का रास्ता माना जाता है, और भाजपा यहां लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। अमित शाह ने इस बैठक के जरिए चुनावी बिगुल फूंक दिया है और नेताओं व कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दे दिया है कि वे अभी से चुनावी मोड में आ जाएं। (Amit Shah Lucknow Visit)
‘चाणक्य’ का कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रबंधन का पाठ
अमित शाह को चुनाव प्रबंधन और बूथ स्तर की माइक्रो-प्लानिंग का उस्ताद माना जाता है। कार्यसमिति की इस बैठक में प्रदेशभर से करीब 2,850 प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया था। शाह ने इन सभी नेताओं को चुनावी चक्रव्यूह भेदने का नया ‘होमवर्क’ और जीत का मंत्र दिया। उन्होंने विशेष रूप से उन क्षेत्रों और बूथों पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति बताई जहां पार्टी कमजोर रही है।
अखिलेश यादव के ‘PDA’ फॉर्मूले की काट
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले के सहारे भाजपा को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। अमित शाह के इस दौरे में इस जातिगत समीकरण को ध्वस्त करने की अचूक रणनीति पर चर्चा हुई। भाजपा की रणनीति गैर-यादव ओबीसी (जैसे कुर्मी, मौर्य, शाक्य, सैनी, निषाद, राजभर) और गैर-जाटव दलितों को एकजुट करने की है। शाह ने नेताओं को यह संदेश जमीन तक ले जाने को कहा कि विपक्ष का आना केवल कुछ विशेष वर्गों के वर्चस्व को बढ़ावा देगा, जबकि भाजपा सबका साथ-सबका विकास सुनिश्चित करती है। (Amit Shah Lucknow Visit)

‘लाभार्थी राजनीति’ और एंटी-इन्कंबेंसी का मुकाबला
अमित शाह की चुनावी रणनीति का एक बड़ा हिस्सा ‘लाभार्थी’ वोट बैंक को साधना है। केंद्र और राज्य सरकार की मुफ्त राशन, पीएम आवास, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान कार्ड और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ उठाने वाले करोड़ों परिवारों से सीधे संपर्क करने का टास्क कार्यकर्ताओं को दिया गया है। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर सत्ता-विरोधी लहर (एंटी-इन्कंबेंसी) को कम करने के लिए मौजूदा विधायकों के कामकाज की समीक्षा और बड़े पैमाने पर टिकटों में बदलाव जैसे कड़े फैसले लेने का संकेत भी मिला है।
सरकार और संगठन में एकजुटता का मजबूत संदेश
लखनऊ एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत करने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक पहुंचे। बैठक के मंच पर भी यह एकजुटता साफ दिखाई दी। शाह द्वारा उद्घाटन और सीएम योगी द्वारा समापन सत्र को संबोधित करना यह दर्शाता है कि सरकार के कामकाज और संगठन की ताकत के बीच बेहतरीन समन्वय के साथ पार्टी चुनाव में उतरेगी। यह विपक्षी अफवाहों को विराम देने के लिए भी आवश्यक था। (Amit Shah Lucknow Visit)
अमित शाह का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम
अमित शाह सुबह 10:40 बजे लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने उनका स्वागत किया। इसके बाद सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में दीप जलाकर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का उद्घाटन किया और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। दोपहर 12:30 से 1 बजे तक उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में अन्य संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इसके बाद दोपहर 1 से 2 बजे तक भोजन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की। इसके बाद दोपहर 2:15 बजे वे वायुसेना के विशेष विमान से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

अमित शाह का यह दौरा भले ही करीब सवा तीन घंटे का रहा, लेकिन राजनीतिक रूप से इसे काफी अहम माना जा रहा है। अपने छोटे से दौरे में उन्होंने यूपी भाजपा के नए कार्यकर्ताओं और नेताओं में उत्साह भरने की कोशिश की। साथ ही, विपक्ष की जाति आधारित राजनीति का मुकाबला करने का संदेश भी दिया। उनका यह दौरा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। (Amit Shah Lucknow Visit)









