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लखनऊ ट्रिपल मर्डर: पार्किंग विवाद में पिता-पुत्र समेत तीन की हत्या, आरोपी के फायरिंग करते VIDEO वायरल; जानें पूरा मामला

Lucknow Triple Murder Case

Lucknow Triple Murder Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का सआदतगंज इलाका हाल ही में एक ऐसी खौफनाक वारदात का गवाह बना, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। 26 अक्टूबर 2026 की सुबह सआदतगंज के नौबस्ता (ब्राह्मणी टोला) में महज चबूतरे और कार पार्किंग के मामूली विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस जघन्य हत्याकांड का मुख्य आरोपी 29 वर्षीय ऋषभ शुक्ला है, जो पूर्व मर्चेंट नेवी ऑफिसर बताया जा रहा है। हाल ही में इस घटना से जुड़े दो भयावह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जो इस क्रूरता की पूरी कहानी बयां करते हैं।

Lucknow Triple Murder Case: सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का सच

इंटरनेट पर सामने आए दोनों वीडियो दो मिनट से अधिक लंबे हैं, जो वारदात के समय और उसके ठीक बाद की स्थिति को दिखाते हैं। पहले वीडियो में मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला हाथ में पिस्तौल लेकर पीड़ितों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाते हुए साफ नजर आ रहा है। वीडियो की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी एक बार नहीं, बल्कि दो बार पिस्तौल में मैगजीन रीलोड करता है और पीड़ितों पर तब तक गोलियां चलाता है, जब तक कि वे पूरी तरह शांत नहीं हो जाते। इस दौरान वह लगातार चिल्लाकर यह दावा कर रहा है कि उसने यह कदम “खुद के बचाव” में उठाया है।

दूसरे वीडियो में हत्या को अंजाम देने के बाद का मंजर और भी खौफनाक था। आरोपी ऋषभ शुक्ला एक हाथ में पिस्तौल और दूसरे हाथ में मैगजीन लेकर सड़क पर पड़े शवों के पास ही बैठ गया। वह आसपास के लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों को घायलों की मदद करने या उन्हें अस्पताल ले जाने से रोकता रहा। दूसरे वीडियो के अंत में पुलिस मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में लेती हुई दिखाई देती है। (Lucknow Triple Murder Case)

क्या था पूरा विवाद और कौन थे पीड़ित?

जानकारी के मुताबिक, यह खौफनाक घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। नौबस्ता इलाके में एक बरगद के पेड़ के पास खाली पड़ी जमीन और वहां बने चबूतरे पर कार पार्किंग को लेकर दो पड़ोसी परिवारों में पुराना मनमुटाव था। 26 अक्टूबर की सुबह, तिवारी परिवार के सुयश तिवारी ने अपनी कार चबूतरे के पास पार्क की। कुछ ही देर बाद जब सुयश के चाचा शिवेंद्र उर्फ शंभू बाहर आए, तो पड़ोसी ऋषभ शुक्ला ने उनसे पार्किंग को लेकर बहस शुरू कर दी।

आवाज सुनकर सुयश के पिता शिवाजी तिवारी भी घर से बाहर आ गए। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आपा खो चुके ऋषभ शुक्ला ने अपनी पिस्तौल निकाल ली और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। शिवेंद्र और शिवाजी तिवारी को गोली मारने के बाद, जब सुयश गोलियों की आवाज सुनकर सीढ़ियों से नीचे उतरा, तो ऋषभ ने उसे भी निशाना बना दिया। इस ताबड़तोड़ गोलीबारी में दो सगे भाइयों शिवाजी तिवारी (62 वर्ष) और शिवेंद्र तिवारी (55 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, शिवाजी के इकलौते बेटे सुयश तिवारी (30 वर्ष) ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। (Lucknow Triple Murder Case)

हंसता-खेलता परिवार पल भर में उजड़ गया

इस दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। मृतकों की पहचान शिवाजी तिवारी (62), शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू (55) और सुयश तिवारी (30) के रूप में हुई है। शिवाजी तिवारी सचिवालय के सेवानिवृत्त कर्मचारी थे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व जिला सरकार्यवाह रह चुके थे। वहीं, शिवेंद्र तिवारी लखनऊ विश्वविद्यालय में कार्यरत थे, जबकि सुयश तिवारी अपना इलेक्ट्रिकल सामान का कारोबार चलाते थे।

घर में गूंजनी थीं शहनाइयां, उठ गईं तीन अर्थियां

इस त्रासदी का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक सुयश तिवारी की आगामी 5 दिसंबर को शादी होने वाली थी। जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, खुशियों का माहौल था, वहां एक झटके में तीन-तीन अर्थियां उठने से पूरा इलाका गमगीन है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन का बुलडोजर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी 30 वर्षीय ऋषभ शुक्ला मर्चेंट नेवी में नेविगेशन ऑफिसर रह चुका है, जिसे कथित तौर पर उसकी नौकरी से निकाल दिया गया था। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को अपराध स्थल से ही गिरफ्तार कर लिया और हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्तौल और चार खाली कारतूस बरामद कर लिए। (Lucknow Triple Murder Case)

इस मामले में कुल 8 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। ताजा जांच रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस अब तक मुख्य आरोपी सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दो अन्य नामजद आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। घटना के अगले ही दिन आरोपी ऋषभ शुक्ला द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों ने त्वरित न्याय की दिशा में उठाए गए इस कदम की सराहना की।

पुलिस की लापरवाही पर फूटा गुस्सा: दो अधिकारी निलंबित

इस जघन्य हत्याकांड के बाद स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवार का गुस्सा भड़क उठा। परिजनों का आरोप है कि दोनों परिवारों के बीच चल रहे इस तनाव की शिकायत पहले भी कई बार स्थानीय पुलिस से की गई थी, लेकिन पुलिस ने इसे हल्के में लिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। (Lucknow Triple Murder Case)

आक्रोशित जनता के विरोध प्रदर्शन और पुलिस की गंभीर लापरवाही को देखते हुए लखनऊ के पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मामले में शिथिलता बरतने के आरोप में सआदतगंज के थाना प्रभारी (SHO) संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी (सब-इंस्पेक्टर) अजय चौरसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने भी आरोपी के अवैध निर्माण पर प्रशासनिक जांच शुरू कर दी है।

Vaishali
Author: Vaishali

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