By-Vaishali
UP Tourism: उत्तर प्रदेश की पर्यटन में हिस्सेदारी 2016 में 13.1% से बढ़कर 2023 में 18.9% हो गई है। यह वृद्धि राज्य सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों का परिणाम है, जिसमें बुनियादी ढांचे का विकास, धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी में सुधार और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन शामिल है।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2016 में 21.5 करोड़ पर्यटक आए थे, यह संख्या 2024 तक बढ़कर 64.9 करोड़ हो गई है।
धार्मिक पर्यटन में वृद्धि (UP Tourism)
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए सीएम योगी ने कहा, “आदरणीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में, नया उत्तर प्रदेश आज पर्यटन के माध्यम से बदलते हुए राष्ट्र के लिए एक प्रेरणा बन गया है। अयोध्या धाम का दीपोत्सव, ब्रज का रंगोत्सव और काशी की देव दीपावली जैसे उत्सव हमारी विरासत को समृद्धि और हमारी संस्कृति को शक्ति में बदल रहे हैं।”
सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अमृत काल
सीएम ने आगे कहा, “परिणामस्वरूप, जहां 2016 में 21.5 करोड़ पर्यटक आए, वहीं 2024 तक यह संख्या बढ़कर 64.9 करोड़ हो गई है। राष्ट्रीय पर्यटन के दृष्टिकोण से, 2016 में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 13.1 प्रतिशत थी, जो 2023 तक बढ़कर 18.9 प्रतिशत हो गई है। यह सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अमृत काल है, जो विरासत से आस्था, आस्था से विकास और विकास से वैश्विक नेतृत्व के माध्यम से विश्वगुरु भारत का मार्ग प्रशस्त कर रहा है।”
नए पर्यटन स्थलों का विकास (UP Tourism)
अयोध्या राज्य के शीर्ष पर्यटन स्थल के रूप में उभरा है, जहाँ 2024 के पहले छह महीनों में 11 करोड़ से अधिक पर्यटक आए। सरकार धार्मिक स्थलों पर कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे पर्यटकों के लिए यात्रा आसान हो गई है। राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश और विकास को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहल की हैं, जैसे ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति 2022।
आर्थिक प्रभाव
जानकारी के मुताबिक, पर्यटन क्षेत्र में यह वृद्धि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। यह उम्मीद की जाती है कि 2028 तक पर्यटन से राज्य को ₹70 हजार करोड़ का योगदान मिल सकता है। इसके अलावा, एसबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, धार्मिक पर्यटन में तेजी से वित्त वर्ष 2025 तक राज्य को ₹20,000-25,000 करोड़ का अतिरिक्त कर राजस्व मिलेगा। (UP Tourism)
“रन फॉर यूनिटी” का आयोजन
इससे पहले, उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की थी कि भारत रत्न और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में 31 अक्टूबर को पूरे उत्तर प्रदेश में “रन फॉर यूनिटी” का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि यह आयोजन भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया जाए।
राष्ट्रव्यापी उत्सव के हिस्से के रूप में, “सरदार @150 एकता मार्च” 31 अक्टूबर से 26 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। राज्य के प्रत्येक जिले से, एथलीटों और कलाकारों सहित पांच युवा प्रतिनिधि इस ऐतिहासिक यात्रा में भाग लेंगे।
ये प्रतिभागी चार प्रमुख केन्द्रों से होते हुए बस द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मस्थान गुजरात के करमसद तक जाएंगे और फिर करमसद से केवडिया, जो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का घर है, तक 150 किलोमीटर की राष्ट्रीय पदयात्रा में शामिल होंगे। देश भर से हजारों युवा इस मार्च में भाग लेंगे और राष्ट्रीय एकता तथा जन जागरण अभियान की पहल के बारे में जागरूकता फैलाएंगे।









