Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को लागू कर दिया है। यह कदम क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के 211 तक गिर जाने के बाद उठाया गया है, जिसे ‘खराब’ श्रेणी में रखा गया है।
आयोग ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमानों पर भी विचार किया, जिनमें आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता खराब रहने का अनुमान लगाया गया है।
क्या हैं प्रमुख निवारक उपाय?
GRAP का यह चरण । तब सक्रिय होता है जब AQI 201 और 300 के बीच होता है। इस चरण के तहत, एनसीआर में सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा 27 निवारक उपायों को सख्ती से लागू किया जाना है। इनमें एंटी-स्मॉग गन का उपयोग, पानी का छिड़काव, सड़क निर्माण, मरम्मत परियोजनाओं और रखरखाव गतिविधियों में धूल नियंत्रण के उपाय शामिल हैं।
GRAP चरण 1 में पालन करने के लिए क्या करें? (Delhi Pollution)
ये उपाय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद 13 दिसंबर, 2024 को CAQM द्वारा जारी व्यापक GRAP अनुसूची का हिस्सा हैं। मौजूदा GRAP के चरण । के अंतर्गत सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा पूरे एनसीआर में की जाने वाली कार्रवाइयों का कार्यान्वयन, निगरानी और समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि AQI का स्तर और न गिरे।
सभी कार्यान्वयन एजेंसियां मौजूदा GRAP अनुसूची पर कड़ी निगरानी रखेंगी और उपायों को तेज़ करेंगी। नागरिकों से GRAP चरण । के अंतर्गत नागरिक चार्टर का कड़ाई से पालन करने का अनुरोध किया जा सकता है।
GRAP क्या है? (Delhi Pollution)
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) आपातकालीन उपायों का एक ढाँचा है, जिसे दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर 2016 में इसे मंजूरी दी गई थी और 2017 में पर्यावरण मंत्रालय द्वारा अधिसूचित किया गया था। यह योजना वायु गुणवत्ता के स्तर के आधार पर चार चरणों में लागू की जाती है-
चरण 1: ‘खराब’ (AQI 201-300)
चरण 2: ‘बहुत खराब’ (AQI 301-400)
चरण 3: ‘गंभीर’ (AQI 401-450)
चरण 4: ‘गंभीर प्लस’ (AQI 450 से ऊपर)









