By-Vaishali
Diwali 2025: दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने दिवाली से पहले हरित पटाखों की बिक्री और फोड़ने की अनुमति देने के लिए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि पिछली सरकार भी इसी तरह के कदम उठा सकती थी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को धन्यवाद देते हुए मिश्रा ने पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर “हिंदू त्योहारों के खिलाफ काम करने” का आरोप लगाया।
कपिल मिश्रा ने आप सरकार पर लगाए आरोप
मीडिया से बातचीत के दौरान मिश्रा ने कहा कि मैं सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद करता हूं और दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने दिल्ली के लोगों की आवाज सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखी। यह काम पिछली सरकार भी कर सकती थी।
अब यह साबित हो गया है कि केजरीवाल सरकार ने जानबूझकर हिंदू त्योहारों के खिलाफ काम किया। दिल्ली में सरकार बदलते ही पटाखों पर प्रतिबंध हटा लिया गया है और अब ग्रीन पटाखों वाली दिवाली होगी। बाकी शहरों की तरह दिल्ली में भी दिवाली मनाई जाएगी।”
SC ने दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखे जलाने की दी इजाजत
बता दें, दिवाली से पहले, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में शर्तों के साथ ग्रीन पटाखे जलाने और बेचने की अनुमति दी है। यह फैसला प्रदूषण की चिंताओं और त्योहार मनाने के अधिकार के बीच संतुलन साधने के लिए लिया गया है। ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर, 2025 तक दी गई है।
दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों की बिक्री की समयसीमा
भारत के मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रा की पीठ ने हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति दे दी। इसके लिए समय सुबह 6-7 बजे और रात 8-10 बजे तक सीमित कर दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि त्यौहार मनाने और पर्यावरण की सुरक्षा के बीच एक “संतुलित दृष्टिकोण” होना चाहिए। (Diwali 2025)
Diwali 2025: प्रदूषण की चिंताओं का समाधान
कोर्ट ने यह फैसला पारंपरिक पटाखों की तस्करी को रोकने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए लिया है। क्योंकि दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की तस्करी होती है, जिससे ग्रीन पटाखों की तुलना में अधिक नुकसान होता है, इसलिए ग्रीन पटाखों की बिक्री और फोड़ने की अनुमति दी गई है।
गश्ती दल का गठन और निगरानी के उपाय
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि पुलिस प्राधिकारी एक गश्ती दल का गठन करें जो इस बात पर नजर रखे कि केवल क्यूआर कोड वाले अनुमत उत्पाद ही बेचे जाएं। साथ ही, कोर्ट ने आदेश दिया कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बाहर से पटाखे लाने की अनुमति नहीं होगी।
अगर नकली पटाखे पाए गए तो लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। साथ ही, नीरी द्वारा अनुमोदित हरित पटाखों के रूप में अनुमोदित न किए गए पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी।
वायु गुणवत्ता की निगरानी
सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को इस अवधि के दौरान वायु और जल की गुणवत्ता की निगरानी करने और 14 से 21 अक्टूबर तक आतिशबाजी के दिल्ली की हवा पर पड़ने वाले प्रभाव पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
Diwali 2025: त्यौहार और पर्यावरण
पीठ ने दिल्ली सरकार के 14 अक्टूबर, 2024 के उस आदेश का भी संज्ञान लिया, जिसमें पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था, जिसे बाद में पूरे एनसीआर में लागू कर दिया गया था।
पीठ ने कहा कि जनभावना और प्रवर्तन संबंधी वास्तविकताओं के आलोक में उस दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करना आवश्यक है। सर्वोच्च न्यायालय का यह आदेश राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण से संबंधित एक मामले में आया। (Diwali 2025)









