Jaisalmer Accident: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार, 15 अक्टूबर, 2025 को बस बोर्ड विनियमों के अनुसार बसों की गहन जांच के सख्त निर्देश जारी किए हैं। यह कार्रवाई हाल ही में राज्य में हुई बस दुर्घटनाओं के मद्देनजर की गई है, जिनमें जैसलमेर में हुआ बस हादसा भी शामिल है।
राजस्थान सरकार ने जैसलमेर में आग लगने वाली बस का निरीक्षण करने वाले चित्तौड़गढ़ डीटीओ सुरेंद्र सिंह गहलोत और चित्तौड़गढ़ परिवहन कार्यालय के अधिकारी चुन्नीलाल को निलंबित कर दिया है। बस चित्तौड़गढ़ में पंजीकृत है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के मुख्य बिंदु (Jaisalmer Accident)
राजस्थान में सभी बसों, विशेषकर निजी बसों के फिटनेस और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जाएगी। जैसलमेर बस हादसे के बाद, परिवहन विभाग के उस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया था, जिसने बिना गहन जांच के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया था।
जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी बसें परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित सुरक्षा नियमों और विनियमों का पूरी तरह पालन करें। इस कदम का लक्ष्य भविष्य में होने वाले सड़क हादसों को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
बस में आग लगने से 20 लोगों की मौत (Jaisalmer Accident)
मंगलवार को जैसलमेर के थईयात गांव के पास जोधपुर जा रही एक निजी बस में आग लग जाने से कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मुख्यमंत्री शर्मा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि घायलों को उचित उपचार मिले और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जाए।
राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध
शर्मा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “जैसलमेर में एक बस में आग लगने की घटना अत्यंत हृदय विदारक है। मैं इस दुखद दुर्घटना से प्रभावित लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। संबंधित अधिकारियों को घायलों का उचित उपचार सुनिश्चित करने और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभु श्री राम दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।” (Jaisalmer Accident)









