Uttar Pradesh: भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार देर रात उत्तर प्रदेश के 14 जिलों में जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा कर दी। इसमें से पांच जिलों में पुराने चेहरों पर फिर से भरोसा जताया गया है। 14 जिलाध्यक्ष के नामों का एलान प्रदेश चुनाव अधिकारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने किया।
भाजपा ने जिलाध्यक्ष का जिले स्तर पर चुनाव कराया था। इस चुनाव के बाद नामों का एलान लंबे समय से अटका हुआ था। इसी क्रम में जिलों के अध्यक्षों का ऐलान किया गया।
पार्टी ने फतेहपुर के जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल को हटा दिया है। उन पर पार्टी में पद दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये लेने के आरोप लगे थे। उनके स्थान पर अन्नू श्रीवास्तव को फतेहपुर का जिलाध्यक्ष बनाया गया है। ऐसे में अब 98 जिलों में से 84 जिलाध्यक्षों की घोषणा हो चुकी है। अब केवल 14 जिलाध्यक्ष और बचे हैं। (Uttar Pradesh)
Uttar Pradesh: किसे मिली फिर से जिम्मेदारी?
भाजपा संगठन चुनाव के अधिकारी डा. महेन्द्र नाथ पांडेय ने जिन 14 जिलाध्यक्षों की घोषणा की है, इनमें आधे यानी सात पिछड़ा वर्ग हैं जबकि छह सामान्य वर्ग के हैं। एक जिलाध्यक्ष अनुसूचित जाति के हैं। अलीगढ़ जिला, अलीगढ़ महानगर, फिरोजाबाद जिला, कौशांबी व फिरोजाबाद जिला में पार्टी ने पुराने चेहरों को फिर से जिम्मेदारी दी है।
नए जिलाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय मुद्दों पर फोकस करें और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को लागू करें। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा यह चयन सामाजिक समावेशिता का प्रतीक है। हम 2027 के चुनावों में और मजबूत होंगे। यह घोषणा देर रात होने से कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ, लेकिन कुछ आंतरिक गुटबाजी की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। कुल मिलाकर, भाजपा की यह रणनीति यूपी की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है। (Uttar Pradesh)









