UP Election 2027: ‘इस बार भाजपा 300 पार…’, यूपी चुनाव से पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बड़ा दावा UP को मिलेंगे 4 नए लिंक एक्सप्रेसवे… रोबोटिक्स पार्क और साइबर सेंटर को मंजूरी; योगी सरकार ने 22 प्रस्तावों पर लगाई मुहर UP Election 2027: ‘ओवैसी यूपी के लिए बहुत उत्तम, योगी को फायदा होगा’, बाबा रामदेव के बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल यूपी में Cyclone Arnab का खतरा! 40-50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, इन जिलों में IMD का अलर्ट; किसानों को दी गई खास सलाह Microsoft का बड़ा फैसला! 60,000 कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर, भारत पर भी पड़ सकता है असर MLC Election Result 2026: यूपी, बिहार समेत 4 राज्यों की 28 सीटों पर मतगणना, जानें कहां किसके बीच मुकाबला
UP Election 2027: ‘इस बार भाजपा 300 पार…’, यूपी चुनाव से पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य का बड़ा दावा UP को मिलेंगे 4 नए लिंक एक्सप्रेसवे… रोबोटिक्स पार्क और साइबर सेंटर को मंजूरी; योगी सरकार ने 22 प्रस्तावों पर लगाई मुहर UP Election 2027: ‘ओवैसी यूपी के लिए बहुत उत्तम, योगी को फायदा होगा’, बाबा रामदेव के बयान से प्रदेश की सियासत में हलचल यूपी में Cyclone Arnab का खतरा! 40-50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, इन जिलों में IMD का अलर्ट; किसानों को दी गई खास सलाह Microsoft का बड़ा फैसला! 60,000 कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर, भारत पर भी पड़ सकता है असर MLC Election Result 2026: यूपी, बिहार समेत 4 राज्यों की 28 सीटों पर मतगणना, जानें कहां किसके बीच मुकाबला

दिल्ली जल बोर्ड घोटाला: ईडी ने पूर्व दिल्ली मंत्री सत्येंद्र जैन और 13 अन्य के खिलाफ दायर की चार्जशीट; संपत्ति भी जब्त

Delhi Jal Board Scam

Delhi Jal Board Scam: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सत्येंद्र जैन और 13 अन्य के खिलाफ ₹17.70 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप पत्र दायर किया है। यह मामला DJB के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से संबंधित चार निविदाओं के आवंटन में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है

Delhi Jal Board Scam: घोटाले में कौन-कौन हैं आरोपी?

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के तत्कालीन जल मंत्री और दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष जैन के अलावा, तत्कालीन दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ उदित प्रकाश राय, डीजेबी के पूर्व सदस्य अजय, दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन मुख्य अभियंता सतीश चंद्र वशिष्ठ और अन्य निजी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत अभियोजन शिकायत दर्ज की गई है।

ईडी ने दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड (EEPL) और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें पप्पनकलां और निलोठी (पैकेज 1), नजफगढ़ और केशोपुर (पैकेज 2), कोरोनेशन पिलर, नरेला और रोहिणी (पैकेज 3) और कोंडली (पैकेज 4) में मौजूदा 10 एसटीपी के संवर्द्धन और उन्नयन के नाम पर डीजेबी में घोटाले का आरोप लगाया गया। (Delhi Jal Board Scam)

ईडी ने एक बयान में कहा, “यह पता चला है कि ईईपीएल के प्रबंध निदेशक राजकुमार कुर्रा ने डीजेबी के अधिकारियों और निजी व्यक्तियों नागेंद्र यादव और अन्य के माध्यम से डीजेबी निविदा की शर्तों में हेरफेर किया, जिससे निविदा केवल ‘फिक्स्ड मीडिया के साथ आईएफएएस प्रौद्योगिकी’ के उपयोग तक ही सीमित हो गई और इस तरह ईईपीएल को उक्त निविदा में प्रौद्योगिकी का एकमात्र आपूर्तिकर्ता बनने में सक्षम बनाया गया।”

अवैध कमीशन का खुलासा (Delhi Jal Board Scam)

जांच के निष्कर्षों के अनुसार, ईडी ने कहा, राजकुमार कुर्रा और उनके सहयोगियों ने बैंकिंग चैनलों और नकद के माध्यम से 6.73 करोड़ रुपये का अवैध कमीशन और रिश्वत का भुगतान किया, जो कि PMLA, 2002 के तहत अपराध की आय के अलावा और कुछ नहीं है। अवैध कमीशन या रिश्वत का भुगतान बैंकिंग लेनदेन के माध्यम से फर्जी चालान और भुगतान को छिपाने के लिए अग्रिम राशि जारी करके और हवाला चैनलों द्वारा नकद के माध्यम से किया गया था। (Delhi Jal Board Scam)

15.36 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क

वित्तीय जांच एजेंसी के अनुसार, इन कृत्यों के बाद EEPL को 9.96 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ हुआ, जो PMLA के तहत अपराध की आय भी है। ईडी ने कहा कि उसकी जांच से यह निष्कर्ष निकला है कि जैन, राय, गुप्ता (तत्कालीन सदस्य), वशिष्ठ और निजी व्यक्ति और संस्थाएं जैसे ईईपीएल, राजा कुमार कुर्रा, विनोद चौहान, नागेन्द्र यादव और अन्य आरोपी व्यक्ति 17.70 करोड़ रुपये की कुल अपराध आय के सृजन, अधिग्रहण, छुपाने, कब्जे और उपयोग में शामिल हैं या उन्होंने इसमें सहायता की है और इस प्रकार धन शोधन का अपराध किया है। इस मामले में ईडी ने विभिन्न व्यक्तियों की 15.36 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। (Delhi Jal Board Scam)

Comments are closed.

और पढ़ें