बात करें पिछले कुछ वक़्त की तो देश के अंदर प्लेन क्रैश की कई घटना सामने आई है, और ऐसी घटनाएं देश के अंदर पहली बार नहीं हुई है। जिससे यात्री पैसे भी खर्चा करते हैं और अपनी जान को भी जोखिम में डालते हैं। अगर देखा जाये तो कुछ टाइम से देश में प्लेन से सफर करना अब सुरक्षित नहीं रहा है। अभी कुछ महीने पहले की बात करें तो गुजरात में एक बड़ा प्लेन हादसा हुआ थी। जिसमें वहां के पूर्व सीएम का निधन हुआ था और करबी 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इसी पर किसी शायर की एक कुछ लाइन याद आ गई है।
“ज़िंदगी हादसे के सिवा कुछ नहीं,
हादसे पर मगर सोचता कौन है…”
कहीं न कहीं ये लाइन प्लेन कंपनी और सकरकार पर कुछ हद तक सटीक बैठ रही है।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सैकड़ों यात्रियों से भरा एयर इंडिया का एक विशालकाय बोइंग 777 विमान उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद वापस रनवे की ओर मुड़ गया। तकनीकी खराबी और मौत के साए के बीच पायलटों की सूझबूझ ने एक बड़े हादसे को टाल दिया, लेकिन उन चंद मिनटों ने यात्रियों के रोंगटे खड़े कर दिए।

विमान को सही से नहीं किया गया चेक
आपको बताते चले कि विमान ने अपने निर्धारित समय पर दिल्ली से उड़ान भरी थी। यात्री अभी अपनी सीटों पर संभल भी नहीं पाए थे कि अचानक इंजन की गड़गड़ाहट और पायलटों के केबिन में बजते अलार्म ने खतरे की घंटी बजा दी। कॉकपिट में लगे उपकरणों ने संकेत दिया कि इंजन में तेल का दबाव (Low Oil Pressure) खतरनाक स्तर तक गिर गया है। हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे इस “आसमानी महल” के एक इंजन ने काम करना लगभग बंद कर दिया था। केबिन के भीतर पसरा सन्नाटा अचानक चीख-पुकार और प्रार्थनाओं में बदल गया। खिड़की से बाहर देखते यात्रियों के चेहरे पर खौफ साफ था, क्योंकि विमान वापस दिल्ली की ओर तेजी से मुड़ रहा था।

पायलटों की सूझबूझ से बची जान
जैसे ही पायलटों ने एटीसी (Air Traffic Control) को ‘इमरजेंसी लैंडिंग’ का संदेश भेजा, हवाई अड्डे पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में रनवे को खाली कराया गया और एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड की गाड़ियां कतार में खड़ी हो गईं। पायलटों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित रनवे पर उतार लिया। लैंडिंग होते ही यात्रियों ने तालियों के साथ अपनी जान बचाने वाले ‘आसमानी योद्धाओं’ का शुक्रिया अदा किया।
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए कहा है कि ”सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। लो ऑयल प्रेशर की समस्या एक गंभीर तकनीकी खामी है। इस बात की गहन जांच की जाएगी कि क्या उड़ान से पहले विमान का सही ढंग से ‘मेंटेनेंस चेक’ किया गया था कि नहीं”

विमान सें सवार थे 337 यात्री
लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित तरीके से विमान से बाहर निकाल लिया गया। किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। एयर इंडिया के विमान AI – 887 में 337 क्रू और पैसेंजर सवार थे।फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर हवाई उड़ानो कि सुरक्षा को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है, क्या वाकई अब हवाई यात्रा बिना दहशत व भय के होना संभव है!









