प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की राजधानी नई दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ 27 और 28 दिसंबर को दिल्ली में बैठक आयोजित होगी। पीएम मोदी इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह वार्षिक सम्मेलन केंद्र और राज्य सरकारों के बीच नीतिगत समन्वय और टीम इंडिया की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस सम्मेलन का प्राथमिक लक्ष्य ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए एक साझा रणनीति तैयार करना है। प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि राज्यों की सक्रिय भागीदारी के बिना देश का समावेशी विकास संभव नहीं है। सम्मेलन में केंद्र और राज्य मिलकर शासन व्यवस्था में सुधार और योजनाओं के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श करेंगे।

यह सम्मेलन ‘सहयोगात्मक संघवाद’ (Cooperative Federalism) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसमें देश भर के शीर्ष नौकरशाह एक ही मंच पर अपने अनुभवों को साझा करेंगे। राज्यों द्वारा लागू की गई ‘सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं’ (Best Practices) को साझा किया जाएगा ताकि अन्य राज्य भी उनसे सीख सकें। फिलहाल दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन से निकलने वाले निष्कर्ष भविष्य की राष्ट्रीय नीतियों का आधार बनेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में होने वाला यह सम्मेलन शासन की गुणवत्ता में सुधार और राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने की एक अहम कड़ी है।

बैठक में क्या होगा खास?
वैसे तो इस बैठक का मकसद केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है, ताकि देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर सभी राज्य और केंद्र मिलकर टीम इंडिया के रूप में चर्चा कर सकें। 5वीं मुख्य सचिव बैठक में प्रारंभिक शिक्षा, स्कूली शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, उच्च शिक्षा, खेल और अन्य गतिविधियों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही राज्यों में नियमों को आसान बनाने, सरकारी कामकाज में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर बातचीत होगी। कृषि से जुड़ा एक डिजिटल प्लेटफॉर्म / डिजिटल ढांचा तैयार किया गया है, जिसके जरिए किसानों, फसलों और खेती से जुड़े डाटा को एक जगह जोड़ा जा सके, ताकि योजनाओं का बेहतर लाभ मिले, सप्लाई चेन मजबूत हो और किसानों को सही बाजार मिल सके।









