देश के लिए आज का दिन विशेष उत्साह और गौरव लेकर आया है। महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से गोवा, कर्नाटक और झारखंड के चार दिवसीय ऐतिहासिक दौरे पर रवाना हो रही हैं। यह दौरा न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विविधता और विकास की नई गाथा को भी दर्शाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहले गोवा का दौरा करेंगी
आपको बताते चलें कि, दौरे के पहले चरण में राष्ट्रपति गोवा पहुँचेंगी। गोवा के लिए यह बेहद खुशी का क्षण है, क्योंकि महामहिम यहाँ गोवा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होकर युवाओं का मार्गदर्शन करेंगी। इसके अलावा, वह राज्य विधानसभा के सदस्यों को भी संबोधित करेंगी, जो भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को और भी सशक्त बनाता है।

गोवा के बाद कर्नाटक जाएंगी महामहिम
गोवा के बाद महामहिम दौरे के अगले पड़ाव में कर्नाटक का रुख करेंगी। कर्नाटक, जो भारत का आईटी और नवाचार केंद्र है, राष्ट्रपति की उपस्थिति से गौरवान्वित महसूस कर रहा है। यहाँ वह धारवाड़ में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) के स्थायी परिसर का उद्घाटन करेंगी। यह कदम देश के तकनीकी भविष्य और ‘डिजिटल इंडिया’ के सपने को नई ऊंचाइयां देने वाला है।
कर्नाटक के बाद झारखंड के लिए होंगी रवाना
यदि देखा जाए तो झारखंड के लोगों के लिए यह दौरा भावनाओं से भरा है। राष्ट्रपति का झारखंड से पुराना और गहरा नाता रहा है। वह वहां भगवान बिरसा मुंडा की पावन धरती पर कई जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। स्थानीय जनजातीय समुदायों और आम जनता के बीच उनकी उपस्थिति खुशियों की लहर लेकर आई है, जो समावेशी विकास और ‘अंत्योदय’ के संकल्प को दोहराती है।

फिलहाल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा यह संदेश देता है कि भारत का हर कोना, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, केंद्र के विजन और नेतृत्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।









