केंद्र सरकार ने एक बार फिर अपना कड़ा रुख दोहराते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, फिर चाहे वो देश अंदर हो या देश के बाहर हो। अपराधियों पर कार्रवाई करने में कोई भी कोर करस नहीं छोड़ी जाएगी। अब पिछले कई टाइम से विजय माल्या और ललित मोदी कोलेर भार में प्रत्यारोपण की बात चल रही है। जो कि लगभग पूरी हो चुकी है। सरकार ने इसको लेकर एक खाका भी तैयार कर लिया है।
विजय माल्या और ललित मोदी की वापसी लगभग तय
आपको बताते चलें कि विजय माल्या, ललित मोदी और अन्य सभी आर्थिक अपराधियों को भारत वापस लाने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सरकार ने संसद और अंतरराष्ट्रीय मंचों के माध्यम से यह संदेश दिया है कि कानून से बचकर विदेश में शरण लेने वाले भगोड़ों को भारतीय न्याय व्यवस्था का सामना करना ही होगा।

भगोड़ों की वापसी को लेकर ब्रिटेन सरकार से बातचीत जारी
आपको बताते चलें कि, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, सरकार ब्रिटेन और अन्य संबंधित देशों के साथ निरंतर संपर्क में है। विजय माल्या, जिस पर भारतीय बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, और ललित मोदी, जो आईपीएल में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहे हैं, के प्रत्यर्पण (Extradition) के लिए कानूनी बाधाओं को दूर किया जा रहा है।
फिलहाल, सरकार का मानना है कि इन भगोड़ों की वापसी न केवल बैंकिंग क्षेत्र के लिए बड़ी जीत होगी, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक कड़ा सबक होगा,जो देश का पैसा लेकर भागने की फिराक में रहते हैं। वित्त मंत्रालय ने संकेत दिया है कि बैंकों से लूटी गई राशि की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।

विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाये
जहां सरकार अपनी प्रतिबद्धता जता रही है, वहीं विपक्ष भी इन हाई-प्रोफाइल मामलों में हो रही देरी पर सवाल उठाता रहा है। ऐसे में सरकार की यह ताजा घोषणा जनता के बीच एक विश्वास पैदा करने की कोशिश है कि ‘कानून के हाथ लंबे होते हैं’ और न्याय में देरी हो सकती है, पर इंसाफ होकर रहेगा। यदि देखा जाए तो अब तक सरकार ने कई आर्थिक अपराधियों की हजारों करोड़ की संपत्ति जब्त कर बैंकों को वापस दिलाने में सफलता प्राप्त की है। और अब देखना यह होगा कि क्या इस एक्शन को लेकर सरकार भगोडो की देश वापसी करवा पायेगी? या फिर ऐसे ही खाली दावे किए जायेंगे।









