बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने सत्ता के गलियारों में भूकंप ला दिया है। बिहार में विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद से बिहार में विपक्ष को पूरी तरह से सांप सूंघ गया है। सत्ता की आस में आरजेडी और उसके सहयोगी अभी तक समझ ही नहीं पाए कि बीजेपी और लीती श कुमार ने इतनी बड़ी जात हासिल कैसे कर ली है। लेकिन इन सबके बीच बिहार सरकार के मंत्री ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है।

मंत्री रामकृपाल यादव का आरजी को लेकर दावा
बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री रामकृपाल यादव ने एक ऐसा दावा किया है, जिसने महागठबंधन की नींव हिला दी है। यादव का दावा है कि आरजेडी (RJD) के सभी 25 विधायक बहुत जल्द सामूहिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने वाले हैं।
अगर यह दावा हकीकत में बदलता है, तो यह बिहार के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक टूट होगी। रामकृपाल यादव, जो कभी लालू प्रसाद यादव के सबसे करीबी सिपहसालार हुआ करते थे, उनके इस बयान ने सियासी पंडितों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। मंत्री का कहना है कि आरजेडी के विधायक अपनी ही पार्टी के नेतृत्व से असंतुष्ट हैं और प्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यों से प्रभावित होकर पाला बदलने को तैयार हैं। जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पर्दे के पीछे ‘ऑपरेशन लोटस’ की स्क्रिप्ट तैयार हो चुकी है।

रामकृपाल यादव को तेजस्वी पर तीखा हमला
रामकृपाल यादव ने सिर्फ दावे पर ही बस नहीं किया, बल्कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी तीखे बाण छोड़े। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, “जब घर के चिराग से ही घर जलने लगे, तो सदस्यों का बाहर निकलना तय है। तेजस्वी जी अपनी पार्टी संभाल नहीं पा रहे हैं और सपना मुख्यमंत्री बनने का देख रहे हैं।”

अब गौर करने वाली बात यह है कि, अगर आरजेडी के 25 विधायक एक साथ टूटते हैं, तो बिहार विधानसभा का पूरा गणित बदल जाएगा। विपक्ष पूरी तरह से बिखर जाएगा और एनडीए (NDA) की स्थिति अभेद्य हो जाएगी।
लेकिन सबके बीच अब सवाल यह है कि, क्या यह सिर्फ एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की राजनीति है, या वाकई लालू-तेजस्वी के किले में सेंध लग चुकी है? बिहार की जनता की नजरें अब उन ’25 विधायकों’ पर टिकी हैं, जिनके नाम जल्द ही सामने आने की चर्चा है।









