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“डिलीवरी बॉय इंसान हैं, रोबोट नहीं…”, देशव्यापी गिग वर्कर्स की मांग को राघव चड्ढा का समर्थन

Gig Workers Strike

Gig Workers Strike: आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) द्वारा बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

राघव चड्ढा ने एक दिवसीय प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन कर रहे डिलीवरी पार्टनर्स और राइडर्स के साथ एकजुटता व्यक्त की। चड्डा ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन इस बात को उजागर करता है कि गिग वर्कर्स से अत्यधिक काम करवाया जाता है, उन्हें कम वेतन दिया जाता है और उन्हें गरिमा, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी श्रम सुरक्षा से वंचित रखा जाता है।

Gig Workers Strike: राघव चड्ढा का गिग वर्कर्स के प्रति समर्थन

चड्ढा ने स्विगी (Swiggy), जोमैटो (Zomato), ब्लिंकिट (Blinkit) और जेप्टो (Zepto) जैसी कंपनियों द्वारा लागू किए गए 10-मिनट डिलीवरी मॉडल को जुल्म और क्रूरता करार दिया। उन्होंने कहा कि यह मॉडल राइडर्स को ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक नियम तोड़ने के लिए मजबूर करता है, जिससे उनकी जान को खतरा रहता है। ज़ेप्टो, ब्लिंकइट, ज़ोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि गिग वर्कर्स उनके करोड़ों डॉलर के उद्यमों की रीढ़ हैं और उनके साथ निष्पक्ष और सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।

राघव चड्डा ने कहा, “मैं आज हड़ताल पर बैठे डिलीवरी बॉय और राइडर्स के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करता हूं, जो अत्यधिक काम और कम वेतन को दर्शाने के लिए प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और काम की गरिमा, सामाजिक सुरक्षा और न्याय की मांग कर रहे हैं। मैं ज़ेप्टो, ब्लिंकइट, ज़ोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियों के प्रबंधन से अपील करता हूं कि आपके लाखों डॉलर के उद्यमों की रीढ़ ये गिग वर्कर हैं। कृपया उनका ख्याल रखें।” (Gig Workers Strike)

‘गिग वर्कर्स सिर्फ रोबोट नहीं, परिवार के सदस्य हैं’

राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि चिंताएं उठाने वाले श्रमिकों को अक्सर कम डिलीवरी करके या ऐप से लॉग आउट करके दंडित किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप वित्तीय नुकसान होता है। राघव चड्डा ने कहा, “आज उन्हें अपनी समस्याओं को उजागर करने के लिए एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा है। ये गिग वर्कर रोबोट नहीं हैं। ये बंधुआ मजदूर नहीं हैं। ये भी किसी के पिता, भाई, पति या बेटे हैं। इनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।

इन्हें कोई सामाजिक सुरक्षा, सेवानिवृत्ति लाभ, दुर्घटना या स्वास्थ्य बीमा या स्थायी नौकरी नहीं मिलती। फिर भी, उन्हें कहा जा रहा है कि अगर वे अपनी समस्याओं को व्यक्त करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें या तो ऐप से लॉग आउट कर दिया जाता है या उनकी दैनिक डिलीवरी कम कर दी जाती है।

उनके टीम लीडर कई हथकंडे अपना रहे हैं, जिनसे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। अगर ये कंपनियां अपनी कमाई का एक छोटा सा हिस्सा भी इन गिग वर्करों पर खर्च करें, तो मुझे यकीन है कि ये वर्कर इन कंपनियों के लोगो को गर्व से पहनेंगे और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित होंगे।” (Gig Workers Strike)

गिग वर्कर्स के साथ राघव चड्ढा का एकजुटता

चड्डा ने नव वर्ष की पूर्व संध्या भी ओल्ड राजिंदर नगर में विरोध प्रदर्शन कर रहे गिग वर्कर्स के साथ बिताई और उचित वेतन, मानवीय कार्य परिस्थितियों, कार्यस्थल पर सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की उनकी मांगों को “वैध और न्यायसंगत” बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य व्यवधान उत्पन्न करना नहीं बल्कि अपनी आवाज उठाना था और उन्होंने प्लेटफॉर्म प्रबंधन से श्रमिकों के साथ ईमानदारी से बातचीत करने का आग्रह किया। (Gig Workers Strike)

उन्होंने ‘X’ पर लिखा, “मैंने ओल्ड राजिंदर नगर में गिग वर्कर्स के साथ नए साल की पूर्व संध्या मनाई, जिन्होंने अपनी बात मनवाने के लिए प्रतीकात्मक हड़ताल की। उचित वेतन, मानवीय कार्य परिस्थितियां, कार्यस्थल पर सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की उनकी मांगें जायज और न्यायसंगत हैं। यह विरोध प्रदर्शन व्यवधान पैदा करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी बात सुनाने के लिए था। मैं उनके साथ एकजुटता से खड़ा हूं। मुझे उम्मीद है कि ब्लिंकइट, ज़ेप्टो, स्विगी, ज़ोमैटो आदि जैसे प्लेटफॉर्म का प्रबंधन मेरी बात सुनेगा और गंभीरता से इस पर विचार करेगा।”

इससे पहले दिसंबर 2025 में ही उन्होंने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान गिग वर्कर्स की दयनीय स्थिति का मुद्दा उठाया था और सरकार से उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कानून बनाने का आग्रह किया था। यह हड़ताल नए साल के व्यस्त समय के दौरान आयोजित की गई थी ताकि खराब कार्य स्थितियों, कम वेतन और कंपनियों के उत्पीड़न की ओर ध्यान आकर्षित किया जा सके। (Gig Workers Strike)


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