भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता, पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण (BRAJBHUSHAN SHARAN SINGH) सिंह ने हाल ही में अपने लोकसभा (LOKSABHA) टिकट रद्द होने और भविष्य की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। बीजेपी नेता ब्रजभूषण शरण सिंह अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। उनके दिए बयान अक्सर खूब सुर्खियां बटोरते हैं। लेकिन उनके दिए बयान पर बीजेपी की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है। बृजभषण शरण सिंह (BRAJBHUSHAN SHARAN SINGH) का पिछले लोकसभा में टिकट कट जाने के बाद से वो टीस अभी भी उनके दिल में देखने को मिलती है। जिसकी चर्चा वो कहीं ना कहीं किसी भी रूप में कर देते है। अब एक बार फिर से उनका बयान सामने आया है।
क्या बोले ब्रजभूषण शरण सिंह
अब नए साल पर ब्रजभूषण शरण सिंह (BRAJBHUSHAN SHARAN SINGH) का एक और बयान सामने आ रहा है उन्होंने अपने दर्द को बयां करते हुए कहा कि “जिस लोकसभा से मैं बेइज्जत होकर निकाला गया हूं। उस लोकसभा में एक बार जाऊंगा जरूर अगर जिंदा रहा तो। मेरा कार्यकाल पूरा नहीं हुआ था। मेरी जनता ने मुझ को नहीं हराया है। एक बार जाऊंगा जरूर। ये जनता तय करेगी की कहां से जाएंगे।”

तो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ूंगा‘
ब्रजभूषण शरण सिंह (BRAJBHUSHAN SHARAN SINGH) ने कहा, ‘अगर मैं जिंदा रहा, तो लोकसभा में एक बार फिर जरूर जाऊंगा। मैं बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने की कोशिश करूंगा। अगर पार्टी टिकट नहीं देगी, तो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ूंगा। लेकिन अगर मैं जिंदा रहा, तो जरूर चुनाव लड़ूंगा।’ यौन उत्पीड़न के आरोपों के दौर को याद करते हुए बृजभूषण ने कहा कि उस समय समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके खिलाफ कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की इस बात को वह कभी नहीं भूलेंगे। बृजभूषण ने कहा कि BSP, JDU और RJD के नेताओं ने भी उस समय उनके खिलाफ कोई बयान नहीं दिया।
अखिलेश यादव का एहसान कभी नहीं भूलूंगा बृजभूषण
अपने करियर के एक कठिन दौर को याद करते हुए ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव (AKHILESH YADAV) ने उनके खिलाफ कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा, “मैं उनका एहसान नहीं भूलूंगा। एहसान भूलने वालों को तो नरक में भी जगह नहीं मिलती।” उन्होंने बताया कि मायावती (MAYAWATI),नीतीश कुमार (NITISH KUMAR) और लालू यादव (LALU PRASAD YADAV) जैसे नेताओं ने भी नकारात्मक टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने समर्थन में चुप्पी साधे रखी।









