Z+ सुरक्षा के बावजूद SAD प्रमुख सुखबीर बादल पर हमला, नांदेड़ में मचा हड़कंप; हमलावर पुलिस की गिरफ्त में राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- ‘व्यवस्था थोपकर छात्रों की आवाज दबा रही सरकार’ JPSC-JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ ABVP का देशव्यापी प्रदर्शन, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग ‘मैं दलित हूं…’, हल्द्वानी में खड़गे के मंच के ‘शुद्धीकरण’ पर राज्यसभा में संग्राम; नड्डा ने जांच का दिया भरोसा 80th Independence Day: लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस की भव्य फुल ड्रेस रिहर्सल, तीनों सेनाओं ने किया शक्ति प्रदर्शन CBSE 12वीं सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2026 जारी, 53.08% कंपार्टमेंट छात्रों ने मारी बाजी; DigiLocker पर चेक करें स्कोरकार्ड
Z+ सुरक्षा के बावजूद SAD प्रमुख सुखबीर बादल पर हमला, नांदेड़ में मचा हड़कंप; हमलावर पुलिस की गिरफ्त में राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- ‘व्यवस्था थोपकर छात्रों की आवाज दबा रही सरकार’ JPSC-JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ ABVP का देशव्यापी प्रदर्शन, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग ‘मैं दलित हूं…’, हल्द्वानी में खड़गे के मंच के ‘शुद्धीकरण’ पर राज्यसभा में संग्राम; नड्डा ने जांच का दिया भरोसा 80th Independence Day: लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस की भव्य फुल ड्रेस रिहर्सल, तीनों सेनाओं ने किया शक्ति प्रदर्शन CBSE 12वीं सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2026 जारी, 53.08% कंपार्टमेंट छात्रों ने मारी बाजी; DigiLocker पर चेक करें स्कोरकार्ड

Delhi High Court On PM CARES Fund: दिल्ली हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, ‘PM Cares Fund’ की पवित्रता और निजता पर लगी न्याय की मुहर।

देश की न्यायपालिका से आज एक ऐसी खबर आई है जिसने करोड़ों भारतीयों के भरोसे को और भी मजबूत कर दिया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक युगगामी फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि ‘PM Cares Fund’ को आरटीआई (RTI) के तहत निजता (Privacy) का पूर्ण अधिकार प्राप्त है। यह आदेश उन तमाम भ्रामक बहसों पर विराम लगाता है जो इस पवित्र कोष की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे थे।

‘PM Cares Fund’ पर दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश

“लोकतंत्र में पारदर्शिता और गोपनीयता की जंग में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक ऐसी लकीर खींच दी है, जिसने ‘PM Cares Fund’ की कानूनी स्थिति पर चल रहे वर्षों पुराने विवाद को नई दिशा दे दी है। क्या एक सार्वजनिक फंड की हर जानकारी जनता के लिए खुली किताब होनी चाहिए? अदालत ने दो-टूक जवाब देते हुए कहा—’नहीं’। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय की बेंच ने स्पष्ट कर दिया कि पीएम केयर्स फंड महज एक फंड नहीं, बल्कि एक ‘विधिक व्यक्तित्व’ (Juristic Personality) है, और सरकारी नियंत्रण में होने के बावजूद इसके पास सूचना के अधिकार (RTI) के तहत अपनी संवेदनशील जानकारियों को गुप्त रखने का पूरा अधिकार है। यह फैसला न केवल फंड की पवित्रता पर मुहर लगाता है, बल्कि भविष्य के लिए ‘थर्ड पार्टी प्राइवेसी’ के नए मानक भी तय करता है।”

‘PM Cares Fund’ (पीएम केयर्स फंड) को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कानूनी रूप से दूरगामी फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि भले ही कोई संस्था सरकारी हो या सार्वजनिक कार्यों का निर्वहन करती हो, वह अपनी ‘निजता’ (Privacy) का अधिकार नहीं खोती।

PM Cares Fund केवल एक सरकारी फंड नहीं है, बल्कि यह आपदा के समय में भारत के 140 करोड़ नागरिकों के एकजुट होने का प्रतीक है। हाई कोर्ट का यह फैसला बताता है कि नागरिकों द्वारा दिए गए दान और उनकी भावनाओं का सम्मान करना सर्वोपरि है। निजता का अधिकार मिलने का अर्थ है कि इस कोष में योगदान देने वाले हर छोटे-बड़े देशभक्त की जानकारी सुरक्षित है, जो देशवासियों के बीच ‘अपनेपन’ के भाव को और प्रगाढ़ करता है।

xr:d:DAFM3OZgMUM:3,j:35923048172,t:22092113

यह आदेश इस बात का प्रमाण है कि जब देश किसी संकट (जैसे कोरोना काल) में साथ खड़ा होता है, तो उसका नेतृत्व और उसकी संस्थाएं पूरी ईमानदारी के साथ उसकी रक्षा करती हैं। ‘PM Cares Fund’ की गोपनीयता को बनाए रखना दरअसल उस ‘राष्ट्रीय गोपनीयता’ को बचाना है जो बाहरी ताकतों और अनावश्यक हस्तक्षेप से हमारे कल्याणकारी कार्यों को सुरक्षित रखती है।

फिलहाल, आज का यह निर्णय केवल एक कानूनी आदेश नहीं है, बल्कि यह एक संदेश है कि भारत के लोकतान्त्रिक ढांचे में ‘जनता का पैसा’ और ‘जनता का भरोसा’ दोनों सुरक्षित हाथों में हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं।

Comments are closed.

और पढ़ें