Manoj Tiwari: देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी लोकसभा क्षेत्र से लोकप्रिय सांसद और मशहूर अभिनेता-गायक मनोज तिवारी के घर हुई चोरी ने सुरक्षा तंत्र की पोल खोल कर रख दी है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह चोरी किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि घर के ही एक ‘भीभेदी’ ने अंजाम दी।
हाई-टेक सीसीटीवी और तगड़ी सुरक्षा के दावों के बीच हुई इस वारदात ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा ‘कलंक’ लगा दिया है।
डुप्लीकेट चाबियों का खेल (Manoj Tiwari)
खबर के मुताबिक, यह चोरी मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) के मुंबई स्थित आवास पर हुई। आरोपी ने बड़ी ही चालाकी से डुप्लीकेट चाबियों का इस्तेमाल कर घर का लॉक खोला और आलमारी में रखे 5 लाख रुपये लेकर रफूचक्कर हो गया। पुलिस ने इस मामले में एक पूर्व कर्मचारी को गिरफ्तार किया है, जिसे कुछ समय पहले ही नौकरी से निकाला गया था।
यह घटना केवल एक चोरी नहीं, बल्कि पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती और शर्म की बात है। क्योंकि जिस जोन में सांसद और हाई-प्रोफाइल लोग रहते हैं, वहां 24 घंटे पुलिस की गश्त और चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी होने का दावा किया जाता है। (Manoj Tiwari)

पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल
इसके बावजूद एक अपराधी बड़ी आसानी से वारदात को अंजाम देकर निकल जाता है। अब सवाल यह उठता है कि, जब एक सांसद, जो खुद देश की नीति निर्धारण में शामिल है, उनका घर सुरक्षित नहीं है, तो पुलिस प्रशासन आम जनता को सुरक्षा का भरोसा कैसे दिला सकता है?
भले ही पुलिस ने आरोपी को पकड़ कर अपनी पीठ थपथपा ली होगी, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था के जिस ‘छेद’ को उजागर किया है, वह बेहद डरावना है। सीसीटीवी और हाई-सिक्योरिटी के बीच हुई यह सेंधमारी यह साबित करती है कि अपराधियों के मन में कानून का डर खत्म हो चुका है। अब समय आ गया है कि पुलिस केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर आम और खास, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। (Manoj Tiwari)









