India-US Relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल के महीनों में तनाव देखने को मिला है, लेकिन क्या यह दोस्ती फिर से पटरी पर लौट सकती है? यह सवाल वैश्विक कूटनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव और 50 फीसदी टैरिफ के बावजूद, दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने का अवसर इस साल नवंबर में भारत द्वारा आयोजित होने वाले क्वाड (क्वाड्रिलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग) समिट में मिल सकता है।
हाल ही में ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को “एकतरफा आपदा” करार दिया और भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ सहित कुल 50 फीसदी टैरिफ लगाया। उन्होंने यह दावा भी किया कि भारत ने टैरिफ को शून्य करने की पेशकश की, लेकिन यह बहुत देर से हुआ।
दूसरी ओर, भारत ने इन टैरिफ को अनुचित, अनपेक्षित और अन्यायपूर्ण बताया। इसके बावजूद, पीएम मोदी ने ट्रंप के साथ शब्दों की जंग में हिस्सा नहीं लिया और इसे केवल आर्थिक स्वार्थ के परिप्रेक्ष्य में रखकर अपनी प्रतिक्रिया संयमित की।
शनिवार को ट्रंप ने सकारात्मक बयान देते हुए कहा, “मैं हमेशा मोदी का दोस्त रहूंगा, वह शानदार हैं और भारत-अमेरिका का रिश्ता विशेष है, चिंता की कोई बात नहीं।” इसके जवाब में मोदी ने भी ट्वीट किया, “मैं राष्ट्रपति ट्रंप के सकारात्मक आकलन और भावनाओं की सराहना करता हूं और इसे पूरी तरह से पारस्परिक भाव रखता हूं। भारत और अमेरिका का एक सकारात्मक और भविष्योन्मुखी वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है।”
यह दोनों नेताओं के बीच हाल के महीनों में पहला संवाद था, भले ही यह केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहा हो।









